मेरा’ भाव छोड़ आत्मा से जुड़ना ही उत्तम आकिंचन्य धर्म
उदयपुर। सकल दिगंबर जैन समाज सेक्टर-14 की ओर से महावीर भवन में पर्युषण पर्व श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के नवम दिन उत्तम आकिंचन्य धर्म दिवस …
“संसार” के परिणाम
उदयपुर। सकल दिगंबर जैन समाज सेक्टर-14 की ओर से महावीर भवन में पर्युषण पर्व श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के नवम दिन उत्तम आकिंचन्य धर्म दिवस …
मनुष्य स्वभाव से ही घुमंतू प्राणी है। उसके भीतर अपने आसपास की दुनिया को देखने, जानने और नए अनुभवों से गुजरने की एक सहज ललक होती है। शायद यही कारण है कि घूमने क…
उदयपुर, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवशरण में धर्मसभा आयोजित हुई। डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि अज्ञान को…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में पर्युषण पर्व के उपरांत मंगलवार को नियमित व्याख्यान का आयोजन हुआ। श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित करते हुए साध्वी विद्युतप्रभा…
उदयपुर, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में धर्मसभा का आयोजन हुआ। डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि भगवान …
उदयपुर, किसी के चेहरे पर बरसों की प्रतीक्षा के बाद मिली मुस्कान थी, किसी की आंखों में आने वाले कल का सपना। पीले परिधानों में सजे 50 जोड़े जब पीले फूलों से सजे …
उदयपुर। नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के सानिध्य में चल रही ‘अपनों से अपनी बात’ कथा का गुरुवार को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर समापन हुआ। कथा म…
वेतन की हर महीने आने वाली राशि केवल वर्तमान जीवन की जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं होती। उसके भीतर भविष्य की सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवानिव…
उदयपुर। नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के सानिध्य में चल रही ‘अपनों से अपनी बात’ कथा में बुधवार को भगवान गणेश से जुड़े प्रेरक प्रसंगों के माध्य…
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेंद्र धाम, महावीर समवशरण में संवत्सरी समापन के पावन अवसर पर विशेष प्रवचन किया गया।समारोह में…
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में 14 सितम्बर को पर्युषण महापर्व की प्रवचन माला आयोजित हुई। …
भारतीय संस्कृति विश्व की पहली और सम्पूर्ण संसार द्वारा वरण करने योग्य है, आदरणीय वंदनीय संस्कृति है। जो सारे संसार को अपना परिवार कुटुम्ब मानती है। भारतीय धर्म…