भाग्य योगी के साथ कर्मयोगी बनना आवश्यकःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर। स्थानीय देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में चातुर्मासिक प्रवचन एवं भक्तामर अनुष्ठान के दौरान डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कह…
“पूजा” के परिणाम
उदयपुर। स्थानीय देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में चातुर्मासिक प्रवचन एवं भक्तामर अनुष्ठान के दौरान डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कह…
उदयपुर। श्री चित्रगुप्त सभा माथुर समाज की ओर से सेक्टर-4 स्थित समाज भवन में सामूहिक करवा चौथ उद्यापन का आयोजन बड़ी श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ…
उदयपुर। भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा जारी निर्देशों की अनुपालना में राजस्थान ग्रामीण बैंक शाखा साकरोदा के मार्गदर्शन में गुरुवार को साकरोदा में स्वय…
भारतीय संस्कृति में पर्व केवल तिथियों के उत्सव नहीं होते, बल्कि वे जीवन की संवेदनाओं, रिश्तों की गहराइयों और सामाजिक मूल्यों के जीवंत प्रतीक होते हैं। करवा चौथ…
उदयपुर। स्थानीय देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में भक्तामर पाठ के पश्चात आयोजित धर्मसभा में संतों ने जीवन विकास के मूल सूत्रों पर प्रेरणादायी विचार रखे।सभा …
भारतीय संस्कृति में पर्व केवल उत्सव मनाने के अवसर नहीं हैं, बल्कि वे जीवन-मूल्यों, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक चेतना को सुदृढ़ करने के माध्यम भी हैं। करवा चौथ…
बांसवाड़ा | श्री पीताम्बरा आश्रम में विन्ध्यवासिनी अष्टमी मण्डल के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय शरदोत्सव दुर्गार्चन महोत्सव का समापन शिव-शक्ति महायज्ञ एवं शत…
उदयपुर। बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) के अंतर्गत बीसीआई अल्फा की ओर से ऐकार्थ पुरोहित के वर्कप्लेस बेसलार्ड स्टूडियोज तथा बीसीआई उत्सव की ओर से शिखा बेहल के …
श्रीगंगानगर । गंगानगर जिले का स्थापना दिवस-2026 हर्षाेल्लास से मनाया गया। स्थापना दिवस के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रमों के तहत सोमवार को प्रातः गंगासिंह चौक पर…
बांसवाड़ा | श्री पीताम्बरा आश्रम में आयोजित तीन दिवसीय शरदोत्सव दुर्गार्चन महोत्सव में दूसरे दिन रविवार को दैवी उपासना के विभिन्न प्रयोगों, विशिष्ट साधनाओं, राज…
उदयपुर। श्रुति द स्कूल ऑफ म्यूजिक की ओर से संगीत शिक्षकों के अतुलनीय योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से शिक्षक सम्मान समारोह कलास्पंदन का गरिमामय …
भारतीय संस्कृति में पर्व और त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठानों अथवा परंपराओं के निर्वहन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्रकृति, समाज और मानवीय संवेदनाओं के बीच आत्मी…