बांसवाड़ा | श्री पीताम्बरा आश्रम में आयोजित तीन दिवसीय शरदोत्सव दुर्गार्चन महोत्सव में दूसरे दिन रविवार को दैवी उपासना के विभिन्न प्रयोगों, विशिष्ट साधनाओं, राजोपचार महापूजा सहित विभिन्न अनुष्ठानों ने आस्था का ज्वार उमड़ा दिया। इन अनुष्ठानों के दर्शन के लिए रविवार को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
विन्ध्यवासिनी अष्टमी मण्डल की ओर से आयोजित इस महोत्सव में भगवती मण्डल, गायत्री मण्डल, श्री पीताम्बरा आश्रम सहित विभिन्न धार्मिक संस्थाओं से जुड़े दैवी साधक एवं साधिकाएं हिस्सा ले रहे हैं।
साधकों के समूहों ने माधुर्यपूर्ण स्वरों में देवी आराधना, विशिष्ट ध्यान मंत्रों के साथ दुर्गार्चन किया। इसमें देवी कवच, अर्गला स्तोत्र, कीलक स्तोत्र, देवी अथर्वशीर्ष, रात्रि सूक्त, कुन्जिका स्तोत्र आदि के साथ ही न्यासपूर्वक नवार्ण मंत्र जप और दुर्गा सप्तशती के विभिन्न अध्यायों का पठन किया।
इससे पूर्व कर्मकाण्डी विद्वान् अनुष्ठान आचार्य पं. प्रदीप भट्ट के आचार्यत्व में स्वस्तिवाचन, भद्रसूक्त, पंचदेव उपासना, आश्रम परिसर में प्रधान देवताओं में हनुमानजी, नर्मदेश्वर, पीताम्बरा बगलामुखी देवी आदि देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया गया तथा इनसे संबंधित स्तोत्र पाठ, जप इत्यादि हुए।
इनमें मुख्य साधक पं. ललित कुमार आचार्य एवं आचार्य परिवार सहित बड़ी संख्या में साधकों तथा साधिकाओं ने हिस्सा लिया। रविवार को दिन में आश्रम में सूर्य आराधन, भैरवार्चन, हनुमान पूजा, नर्मदेश्वर रूद्रार्चन विधान आदि कई धार्मिक विधान हुए।
देवी मैया की आराधना में विभिन्न स्तुतियों, स्तोत्रों और भजनों के रह-रहकर होते रहे दिव्य धाराओं के प्रवाह ने भक्तों को आनंदित कर दिया।
समापन सोमवार शाम
3 दिवसीय शरदोत्सव दुर्गार्चन महोत्सव का समापन 26 अक्टूबर, सोमवार शाम 5.30 बजे शतचण्डी हवन की विधि-विधान के साथ पूर्णाहुति से होगा।
