सम्यक्त्व का प्रकाश ही आत्मिक जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्यःसाध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में शुक्रवार को आयोजित नियमित व्याख्यान में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित करते हुए कहा…
“आत्मिक” के परिणाम
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में शुक्रवार को आयोजित नियमित व्याख्यान में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित करते हुए कहा…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में गुरुवार को नियमित व्याख्यान में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि परमात्मा ने केवलज्ञान प्राप्त कर जीवों के …
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में मंगलवार को आयोजित नियमित व्याख्यान में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने आत्मिक शांति और अनुभूति का महत्व समझाया। उ…
उदयपुर। दादावाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक चातुर्मास की सतत प्रवचन श्रृंखला में गुरुवर्या बहिन म.सा. डॉ. श्री विद्युतप्रभा श्रीजी ने आत्मविकास एवं मोक्षमार्ग पर प्…
आज ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्लेशियर फूट रहें हैं,बादल फट रहे हैं,जंगलों में आग धधक रही है,कई प्राणियों की प्रजातियाँ लुप्त हो गई हैं,नित नये वायरस अपना रूप बदल…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में पर्युषण पर्व के समापन के बाद सोमवार से नियमित व्याख्यानमाला का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित करते …
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवशरण में धर्मसभा आयोजित हुई। इसमें डॉ. सुरेंद्र मुनि ने भक्तामर के …
उदयपुर। महावीर भवन सेक्टर-14 में पर्युषण पर्व श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के चतुर्थ दिन उत्तम शौच धर्म के अवसर पर प्रातःकाल श…
महावीर भवन सेक्टर 14 में पर्युषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की आराधना, 25 सितंबर को मेधावी विद्यार्थियों का होगा सम्मानउदयपुर। महावीर भवन सेक्टर 14 में…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के चौथे दिन सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति में भव्य धर्मसभा हुई। साध्वी विद्युतप्रभा श्री…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन श्री कल्पसूत्र वाचन का शुभारंभ हुआ। इससे पूर्व हेमंत-हेमलता लोढ़ा एवं परिवार ने साध…
मनुष्य बाहर की दुनिया को जीतने की आकांक्षा में इतना व्यस्त है कि वह अपने भीतर की दुनिया से दूर होता जा रहा है। उसने आकाश की ऊँचाइयाँ नाप लीं, समुद्र की गहराइया…