उदयपुर। सूरजपोल स्थित श्री जैन श्वेतांबर वासुपूज्य महाराज मंदिर दादावाड़ी में सरस्वती सूरिमंत्र पीठिका की पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में सामूहिक सामायिक एवं नवकार महामंत्र जाप का धार्मिक आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ हुआ।
श्री जैन श्वेतांबर वासुपूज्य महाराज मंदिर ट्रस्ट, दादावाड़ी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विदुषी साध्वी डॉ. श्री विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 के तत्त्वावधान में धर्माराधना की गई।
इसमें बड़ी संख्या में धर्मानुरागी श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आध्यात्मिक साधना का लाभ लिया।कार्यक्रम खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वरजी महाराज साहब की मां भगवती सरस्वती सूरिमंत्र पीठिका की पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
इस पावन अवसर पर दादावाड़ी में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ आयोजन में सहभागिता निभाई।प्रवचन के बाद महामांगलिक का आयोजन-साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी के प्रवचन के पश्चात महामांगलिक का आयोजन हुआ।
इसके बाद सामूहिक सामायिक रखी गई तथा श्रद्धालुओं ने नवकार महामंत्र के जाप किए।
सामूहिक रूप से की गई धर्माराधना में श्रावक-श्राविकाओं ने एकाग्रता और श्रद्धाभाव के साथ भाग लिया।जैन धर्म में सामायिक को आत्मचिंतन, समता, संयम और आत्मशुद्धि की महत्वपूर्ण साधना माना गया है।
सामायिक के माध्यम से व्यक्ति कुछ समय के लिए सांसारिक गतिविधियों से विरक्त होकर अपने विचारों, भावों और आचरण को शुद्ध करने का प्रयास करता है।
वहीं, नवकार महामंत्र का जाप आत्मिक शांति, विनय और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है।धर्माराधना में उमड़ा श्रद्धालुओं का उत्साह- दादावाड़ी में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने हर्षाेल्लास के साथ सहभागिता निभाई।
सामूहिक सामायिक और नवकार महामंत्र जाप के माध्यम से धर्म, साधना और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
पूरे आयोजन में भक्तिमय वातावरण रहा।श्री जैन श्वेतांबर वासुपूज्य महाराज मंदिर ट्रस्ट, दादावाड़ी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को सामूहिक धर्माराधना का अवसर प्रदान किया।
साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी के तत्त्वावधान में संपन्न हुए इस आयोजन में धर्मानुरागियों ने श्रद्धा के साथ भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
