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“संवेदना” के परिणाम

319 परिणाम मिले

समय के अनुरूप हो संवाद, लेकिन मूल्य और ध्येय रहें स्थिर: जे. नंदकुमार

उदयपुर। बदलते समय और नई पीढ़ी के साथ संवाद करते हुए अभिव्यक्ति समयानुकूल होनी चाहिए, लेकिन मूल मूल्य और ध्येय स्थिर रहने चाहिए। आज जेन जी और जेन अल्फा डिजिटल त…

20 Aug 2026, 16:13

भावेश जो कह न सका

माता पिता की अति महत्वाकांक्षाओं और जिद्दी प्रवृति फूल से कोमल बच्चों के लिए कितनी घातक हो जाती है कि वे तनाव और अवसाद नहीं झेल पाते और न केवल नशीली या नींद की…

20 Aug 2026, 16:08

तुलसीदास जयंती पर हुआ सार्थक संवाद, साहित्य और संस्कारों पर हुई चर्चा

कोटा। गोस्वामी तुलसीदास जयंती के अवसर पर राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय, कोटा में तुलसीदास जी का 529 वॉ दिवस तुलसीदास जयंती संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।…

19 Aug 2026, 16:20

तुलसीदास जयंती: लोकमंगल, भाषा और भक्ति का अमर उत्सव

भारत की सांस्कृतिक चेतना में यदि किसी संत-कवि ने धर्म को लोकजीवन से जोड़ा, भाषा को जन-जन का स्वर बनाया और भक्ति को मानवता का उत्सव बना दिया, तो वे गोस्वामी तुल…

19 Aug 2026, 16:16

अभिव्यक्ति के आंगन में रस रंग और ताल

साहित्य जगत में कोटा के साहित्यकार श्री विजय जोशी कहानी और आलोचना विधा के क्षेत्र में देश में अपनी विशिष्ठ पहचान रखते हैं। पारिवारिक और सामाजिक जीवन के अनेक पह…

19 Aug 2026, 07:08

सावन माह के त्योहार : संस्कृति, प्रकृति और आस्था का अनुपम संगम

भारतीय संस्कृति में सावन का महीना केवल वर्षा ऋतु के आगमन का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, आध्यात्मिकता, लोकपरंपरा, पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक सद्भाव के स…

19 Aug 2026, 07:07

155 साल पुरानी मेवाड़ की परंपरा फिर जीवंत, डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ कविराव परिवार के यहां मोखाण पधारे

मेवाड़... जहां इतिहास सिर्फ किताबों में नहीं, बल्कि परंपराओं और रिश्तों में आज भी जिंदा है। जहां राजपरिवार और अपने आत्मीय एवं सहयोगी परिवारों के बीच सुख-दुःख म…

19 Aug 2026, 00:27

डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कविराव परिवार की हवेली पर मोखाण पधार प्राचीन परम्परा को जीवंत रखा

उदयपुर | मेवाड़ की परंपरा में राजपरिवार और प्रमुख सहयोगी परिवारों के बीच आत्मीय संबंधों तथा सुख-दुःख में सहभागी होने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसी परंपर…

18 Aug 2026, 16:18

पल-पल जीयें, खुशी से जीयें' का संदेश देती बेहतरीन कृति

समीक्षक: डॉ.प्रभात कुमार सिंघललेखक एवं पत्रकार कोटा"तो ऐसी है उन सबकी साठ-पार की ज़िन्दगियाँ खुशियों से भरीं जिसमें उन्हें अपनी इच्छानुसार कुछ भी करने की पूरी …

18 Aug 2026, 04:01

ज्ञान, संवेदना और आत्मचिंतन से ही जीवन में सच्चा सुख रू साध्वी विद्युत प्रभा

उदयपुर, 16 अगस्त। सूरजपोल दादावाड़ी में चातुर्मास के तहत साध्वी डॉ. विद्युत प्रभा श्रीजी ने कहा कि भौतिक सुख नहीं, बल्कि ज्ञान, संवेदना और आत्मकल्याण ही जीवन का…

16 Aug 2026, 13:07

विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस 14 अगस्त पर विशेष

*14 अगस्त हमारे लिए केवल भारत के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या नहीं है। यह भारतीय इतिहास का वह दिन है, जो कि इतिहास में सबसे पीड़ादायक और काले अध्याय के रूप …

14 Aug 2026, 02:48

पुस्तक समीक्षा * बात-बात ख़ुश्बूदार ( निबंध संग्रह )

" मनोवैज्ञानिक रूप से पाठक पर प्रभाव छोड़ने में सफल कृति ""क्यारी-क्यारी में खिले, इतने फूल-गुलाब। रफ़्ता-रफ़्ता हो गई, खुश्बूदार किताब ।।"वय के उस मधुमास को, …

13 Aug 2026, 09:02