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मुस्कान क्लब द्वारा वरिष्ठ नागरिक दिवस पर विशेष कवि सम्मेलन का आयोजन, किया कैरम विजेताओं को पुरस्कृत

उदयपुर | ओरिएंटल पैलेस रिज़ॉर्ट के रिवाह हॉल में मुस्कान क्लब द्वारा वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाते हुए आज एक विशेष कवि सम्मेलन का आयोजन किया

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मुस्कान क्लब द्वारा वरिष्ठ नागरिक दिवस पर विशेष कवि सम्मेलन का आयोजन, किया कैरम विजेताओं को पुरस्कृत

उदयपुर | ओरिएंटल पैलेस रिज़ॉर्ट के रिवाह हॉल में मुस्कान क्लब द्वारा वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाते हुए आज एक विशेष कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. मधु अग्रवाल, डॉ. राजगोपाल राज, नितिन मौलिक, अकबर शाद उदयपुरी, पायल भटनागर, महेश कुमार एवं कविश टंडन को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती श्रद्धा गट्टाणी द्वारा सभी आमंत्रित कवियों, विभिन्न वरिष्ठ नागरिक क्लबों से पधारे प्रतिनिधियों तथा मुस्कान क्लब के सदस्यों के स्वागत से हुआ। उन्होंने सभी कवियों का पारंपरिक रूप से अभिनंदन किया तथा उन्हें स्मृति-चिह्न एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

इसके पश्चात उपाध्यक्ष के.के. त्रिपाठी ने सभी आगंतुकों का विधिवत स्वागत करते हुए मुस्कान क्लब की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों से अवगत कराया।

इस अवसर पर क्लब की त्रैमासिक पत्रिका ‘मधुर मुस्कान’ का सभी अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। तत्पश्चात वरिष्ठ नागरिक ओपन कैरम प्रतियोगिता के महिला, पुरुष, एकल एवं युगल विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

मीडिया प्रभारी प्रोफ़ेसर विमल शर्मा ने बताया कि यह ओपन प्रतियोगिता नॉक आउट आधार पर विगत एक माह से हो रही थी जिसमें कुल 52 प्रतिभागी रहे।

कार्यक्रम में विज्ञान एवं समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यों हेतु अंतर्राष्ट्रीय संस्था साइंटिफिक लॉरेल्स द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर डॉ. विमल शर्मा का श्रीमती श्रद्धा गट्टाणी द्वारा विशेष रूप से अभिनंदन किया गया।

इसके बाद कवि सम्मेलन की मंच संचालन की जिम्मेदारी शायर नितिन मौलिक ने संभाली। उन्होंने क्रमशः अकबर शाद को ‘अदब से नवाज़ों’, महेश कुमार को ‘मैं तेरे साथ’, कविश टंडन को ‘हाँ, ये सच है’, पायल भटनागर को ‘छोड़कर अपने’, नितिन मौलिक को ‘अभी तक जैसे-तैसे’, डॉ. राजगोपाल बुनकर को ‘लाखों के पैकेज पर’ तथा अंत में डॉ. मधु अग्रवाल को ‘उसने कहा पैसे में बल है’ रचना प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया।

सभी शायरों एवं कवियों ने अपनी सशक्त, भावपूर्ण और रोचक रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हास्य, व्यंग्य, संवेदना और सामाजिक सरोकारों से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों का श्रोताओं ने भरपूर आनंद लिया और करतल ध्वनि से कवियों का उत्साहवर्धन किया।

अंत में श्रीमती श्रद्धा गट्टाणी ने सभी अतिथियों, कवियों, वरिष्ठ नागरिक क्लबों से आए प्रतिनिधियों एवं मुस्कान क्लब के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान एवं अल्पाहार के साथ इस रसपूर्ण एवं यादगार कार्यक्रम का समापन हुआ।