...अन्ततः लेखन कार्य पूर्ण, छपेगा भी राजस्थान रचनाकार परिचय कोश .....जैसे दृढ़ निश्चयी भावों के धनी ...और सशक्त अभिव्यक्ति के सतत् लेखक-पत्रकार डॉ. प्रभात कुमार सिंघल ने मन में ठाना... और ..आखिरकार परिश्रम, आशाओं, शंकाओं, सवालों के बीच राजस्थान रचनाकार परिचय कोश के लेखन का कार्य मेरे और साहित्यकार डॉ. वैदेही गौतम के प्रयासों से पूरा हो गया...।
ऐसे कथन के अधिष्ठाता ने जब निष्ठा पूर्वक कार्य सम्पन्न किया तो इस महती कार्य के भीतर एक वैचारिक ऊर्जा का प्रवाह रहा और यही विचार उनका उद्देश्य भी बना कि - हर युग में समाज और राष्ट्र का विवेकपूर्ण नेतृत्व तैयार करने में लेखकों ने महती भूमिका निभाई.... ...नव प्राण फूंक कर उसे संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया ... आज भी समाज और राष्ट्र को जागृत करने में साहित्यकार अपनी महत्ती भूमिका निभा रहे हैं...।
इन्हीं विचारों से प्रेरित हो कर राजस्थान रचनाकार परिचय कोश बनाने का विचार मन में आया...। इस विचार की क्रियान्विति को पुस्तकाकार रूप में 'प्रकाशन और वितरण कार्य की जिम्मेदारी नवीन गौतम काव्यांजलि प्रकाशन, कोटा ने सहर्ष स्वीकार की ...।
इन सन्दर्भों को अपने भीतर संजोये आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा संवत् 2083 तदनुसार रविवार 11 अक्टूबर 2026 को प्रातः 8 : 33 बजे पूर्व संयुक्त निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, राजस्थान एवं राजस्थान रचनाकार परिचय कोश के लेखक डॉ. प्रभात कुमार सिंघल काव्यांजलि प्रकाशन के प्रकाशक नवीन गौतम के साथ घर पधारे।
किसी कार्य को सफलता पूर्वक पूर्ण करने के पश्चात् अनुभूति का जो आभा मण्डल निर्मित होता है, उस निर्मिति के साक्षी जब इन दोनों ने पुस्तक और प्रकाशन के सन्दर्भ में चर्चा - परिचर्चा की तो स्वतः ही एक रचनात्मक वातावरण बनता चला गया। इस माने में भी कि अभी तो यह एक सोपान है...। इसी मध्य काव्यांजलि प्रकाशन के नवीन गौतम ने मुझे राजस्थान रचनाकार परिचय कोश की लेखक डॉ. प्रभात कुमार सिंघल द्वारा हस्ताक्षरित प्रति भेंट की।
पूर्व में भी डॉ. प्रभात कुमार सिंघल द्वारा लिखित साहित्यिक कृतियाँ जियो तो ऐसे जियो, नारी चेतना की साहित्यिक उड़ान तथा राजस्थान के साहित्य साधक लेखन परम्परा का वह पड़ाव रहा है, जो साहित्यकारों की गहन संवेदना दृष्टि को सामने लाता है।
जहाँ साहित्यकारों ने अपने अंचल एवं राजस्थान की धरा पर ही नहीं वरन् अपने प्रवास के स्थल को भी अपने लेखन से समृद्ध किया। जिनमें वरिष्ठ एवं स्थापित लेखकों के साथ- साथ नवोदित रचनाकारों के योगदान को देखा जा सकता है।
इस कड़ी में यह राजस्थान रचनाकार परिचय कोश साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भों के लिए सन्दर्भ ग्रन्थ के रूप में सामने आया है।
इन्हीं भावों के साथ इस राजस्थान रचनाकार परिचय कोश में पृष्ठ 14 -16 पर रचनात्मक योगदान को समझने तथा समृद्ध सृजन परम्परा की कड़ी को परखने का अवसर ... शीर्षक से मेरे द्वारा लिखित भूमिका प्रकाशित हुई है, उसके अंश... " अपने समय को समझने और परखने में लेखन सन्दर्भों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है।
इस योगदान की महत्ता और उसके उज्जवल पक्ष को उकेरने हेतु लेखक द्वय डॉ. प्रभात कुमार सिंघल एवं डॉ. वैदेही गौतम द्वारा "राजस्थान रचनाकार परिचय कोश " का जो विचार उभरा वह अभिनन्दनीय है।
इस माने में भी कि इसे संग्रहित एवं संरक्षित रखते हुए एक सन्दर्भ ग्रन्थ के रूप में अभिव्यक्ति के पथ पर लाया जाए जहाँ रचनाधर्म में प्रवृत्त और समर्पित रचनाकारों को प्राथमिक रूप से जानने और समझने के साथ - साथ उनकी उपलब्धियों तथा सतत् योगदान को देखने का अवसर प्राप्त हो सके।
दोनों लेखकों ने राजस्थान रचनाकार परिचय कोश को मात्र सामान्य पारिभाषिक सीमा तक आबद्ध नहीं किया वरन् एक सर्वेक्षण के रूप में विस्तार से परख कर सार रूप में प्रस्तुत किया है। इसके लिए उन्होंने एक प्रपत्र तैयार कर सोशल मीडिया (फेसबुक एवं वाट्सअप) पर समय - समय पर प्रसारित और प्रचारित किया जिससे प्रत्येक रचनाकार के व्यक्तित्व - कृतित्व की जानकारी तो प्राप्त हो ही साथ ही उसे आलेखित करने में एकरुपता भी परिलक्षित हो सके।
राजस्थान के रचनाकारों के इस परिचय कोश में अपनी रचनात्मकता से सृजन सन्दर्भों को गति, प्रगति और उन्नति के पथ तक लाने में जो प्रतिष्ठित, स्थापित और नवोदित रचनाकार अद्यतन लेखन कार्य करते हुए महती योगदान कर रहे हैं ; उनके इस कृतित्व को व्यक्तित्व के साथ परिचय - आलेख के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
इसके लिए लेखक द्वय ने संभाग और उनके जिलों को क्रम से लेकर रचनाकारों को उनके नाम के वर्णानुक्रमानुसार संक्षेप में तथा क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया है।
इससे पाठक को रचनाकार विशेष के बारे में त्वरित और प्रामाणिक जानकारी प्राप्त करने में सुविधा रहे।
... अन्ततः यही कि साहित्य, संस्कृति, इतिहास, कला एवं अन्य विविध समाजोपयोगी सन्दर्भों को अपने लेखन से समृद्ध करने वाले सृजनधर्मियों के व्यक्तित्व - कृतित्व को उकेरता यह रचनाकार परिचय कोश सामाजिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भों के साथ सहृदय पाठकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए सार्थक एवं उपयोगी रहेगा।
इस माने में भी कि इस कोश में उल्लेखित रचनाकारों का कृतित्व उनके सृजन वैशिष्ट्य को उभारता हुआ उनके रचनात्मक योगदान को समझने तथा समृद्ध सृजन परम्परा की कड़ी को परखने का अवसर प्रदान करता है।"
यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि लेखक द्वय द्वारा यह कृति राजस्थान के समस्त दिवंगत रचनाकारों को समर्पित की है। साथ ही वरिष्ठ साहित्यकार जितेंद्र निर्मोही के श्रद्धांजलि आलेख से यह परिचय कोश इस अर्थ में भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि उन्होंने इस आलेख में कृति को राजस्थान के समस्त दिवंगत रचनाकारों को श्रद्धांजलि स्वरूप अर्पित कर भावनात्मक रूप से न केवल स्मरण किया वरन् कृति को समृद्ध लेखन परम्परा से जोड़ कर एक वितान खड़ा किया है।
ग्रन्थ में अभिमत की नवीनता भी रचनात्मकता का बोध कराती है। जहाँ 21 रचनाकारों के विचारों ने सृजनात्मक धारा को एक दिशा प्रदान की है जो इस कृति की रचनात्मक उपादेयता को उभारती है। इस माने में कि इसका लेखकीय भी कृति के भीतर और बाहर के प्रभावों को अहसासता हुआ लेखक -पाठक के दृष्टिकोण को उजागर करता है।
समस्त रचनाकारों को राजस्थान के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के अध्यक्ष जो राजस्थान मूल के हैं, ने अपने शुभकामना संदेशों से समाज और राष्ट्र हित में लेखन के लिए प्रेरित करते हुए समाज में उनकी महत्ती भूमिका को रेखांकित किया है।
कृति का आवरण अमूर्तता में भी एक दृष्टि में सृजन परिवेश को रंग और रेखाओं के समन्वित प्रभाव को उकेरता है, जहाँ कला और कलम की जुगलबंदी के स्वर स्वतः ही उभरते हैं। वहीं वृहद ग्रंथ के पाठक और पुस्तक के अन्तर्सम्बन्धों को सुदृढ़ करने में समुचित मूल्य निर्धारण इसे पाठकों तक पहुँचने के मार्ग को प्रशस्त करता है।
पुस्तक : राजस्थान रचनाकार परिचय कोश लेखक : डॉ. प्रभात कुमार सिंघल एवं डॉ. वैदेही गौतम प्रकाशक : काव्यांजलि प्रकाशन, कोटा संस्करण : प्रथम 2026 पृष्ठ : 525 / पेपर बैक मूल्य : 550 ₹ उपलब्ध : अमेजन.इन ISBN : 978 - 81- 688333- 4 - 0
