नई दिल्ली: राजस्थान की जीवंत सांस्कृतिक विरासत राष्ट्रीय राजधानी के बीचों-बीच तब जीवंत हो उठी जब राजस्थानी अकादमी द्वारा नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेन्टर के ऐवान-ए-गालिब ऑडिटोरियम में आयोजित 34वें राजस्थानी लोक नृत्य प्रतियोगिता 2026 में आकर्षक लोक नृत्यों, रंगीन पोशाकों, पारंपरिक संगीत और युवा कलाकारों की अद्भुत कलात्मक प्रतिभा के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध परंपराओं का जश्न मनाया गया।
राजस्थानी अकादमी के अध्यक्ष डॉ गौरव गुप्ता ने बताया कि दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुल 21 स्कूलों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसमें 200 से ज़्यादा छात्रों ने राजस्थान की भावना, विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाने वाले शानदार प्रदर्शन प्रस्तुत किए। ऑडिटोरियम तालियों और उत्साह से गूंज उठा क्योंकि छात्रों ने सुंदर प्रस्तुतियों, जीवंत कोरियोग्राफी और प्रामाणिक संगीत अभिव्यक्तियों के माध्यम से राजस्थान की लोक परंपराओं को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर रूस और श्रीलंका के दूतावासों के सांस्कृतिक प्रतिनिधि, महामहिम डॉ. कोमोरोस यूनियन के ऑनरेरी कॉन्सुल जनरल मिस्टर के. एल. गंजू, और खास मेहमान, जिनमें किरण गुरु जी और पद्म श्री अवॉर्डी नलिनी और कमलिनी, मशहूर कथक डांस जोड़ी भी शामिल थीं की मौजूदगी ने इस सेलिब्रेशन को खास बनाया और भारत की अलग-अलग कल्चरल परंपराओं को बचाने और बढ़ावा देने की अहमियत पर ज़ोर दिया।
डांस कॉम्पिटिशन के साथ-साथ, अकादमी ने 12वें राजस्थानी पेंटिंग कॉम्पिटिशन के ज़रिए युवा आर्टिस्टिक टैलेंट का जश्न भी मनाया, जिसमें स्टूडेंट्स को उनकी क्रिएटिविटी और आर्टिस्टिक एक्सप्रेशन के लिए पहचान मिली। एक ईरानी आर्टिस्ट के स्केच और आर्टवर्क वाली एक खास एग्ज़िबिशन ने कल्चरल एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाया, इवेंट को एक इंटरनेशनल डायमेंशन दिया और क्रॉस-कल्चरल तारीफ़ को बढ़ावा देने में आर्ट की भूमिका का जश्न मनाया।
विजेताओ को मिले पुरस्कार 34वें राजस्थानी फोक डांस कॉम्पिटिशन के विजेता को उनके शानदार परफॉर्मेंस के लिए मशहूर मेमोरियल ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
प्रथम पुरुस्कार– श्रीमती शांता बिहानी मेमोरियल ट्रॉफी: आदर्श पब्लिक स्कूल को दिया गया ।
दूसरा प्राइज़ – चिरंजी लाल धानुका मेमोरियल ट्रॉफी: सुमेरमल जैन पब्लिक स्कूल को और तीसरा प्राइज़ – श्री अनिल अग्रवाल ट्रॉफी: रुक्मणी देवी जयपुरिया पब्लिक स्कूल को प्रदान किया गया।
इसके अलावा बेस्ट ड्रेस अवॉर्ड श्रेणी में प्रभात प्रकाशन ट्रॉफी: सुमेरमल जैन पब्लिक स्कूल को दी गई विनर्स का फैसला जाने-माने डांस एक्सपर्ट्स पैनल ने किया, जिसमें दीपाली सिन्हा, संवेदना कौशिक, पूजा गुप्ता और नीलाक्षी खंडकर सक्सेना शामिल थीं।
12वें राजस्थानी पेंटिंग कॉम्पिटिशन के विनर्स पेंटिंग कॉम्पिटिशन में तीन स्टूडेंट कैटेगरी में शानदार क्रिएटिविटी को पहचान मिली। जूनियर कैटेगरी में पहला पुरस्कार पी पी इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा माहिरा सैनी को मिला।
इसी तरह मिडिल कैटेगरी में लिटिल फ्लावर पब्लिक स्कूल, यमुना विहार। युक्ति शर्मा, को पहला पुरस्कार दिया गया।
सीनियर कैटेगरी में श्री राम शिक्षा मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की निष्ठा खत्री, को फर्स्ट प्राइज़ दिया गया l पेंटिंग्स प्रतिभाओं को भी को एक जाने-माने पैनल ने जांचा, जिसमें पूर्णिमा गुप्ता, प्रतिभा और पारुल मित्तल शामिल थीं।
राजस्थानी एकेडमी के अध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता ने समारोह में भाग लेने वाले खास मेहमानों, प्रतिभागी स्कूलों, स्टूडेंट्स, टीचर्स, पेरेंट्स और सपोर्टर्स का स्वागत किया। कार्यक्रम में उनकी लीडरशिप और कल्चरल प्रमोशन के लिए उनके कमिटमेंट की बहुत तारीफ़ हुई, जो भारत की अतुलनीय कल्चरल हेरिटेज को बचाने और अगली पीढ़ी के आर्टिस्ट्स के लिए एक प्लेटफॉर्म देने की एकेडमी की लगातार कोशिशों को प्रदर्शित करता है।
अकादमी की सचिव सुमन माहेश्वरी ने कार्यक्रम का संचालन किया। उनके शानदार प्रेजेंटेशन, दिलचस्प नरेशन और दिल को छू लेने वाली शायरियों ने प्रोग्राम में अपनापन और लिटरेरी चार्म डाला, जिससे ऑडियंस पूरे प्रोग्राम में जुड़ी रही। दिल्ली की यह शानदार शाम राजस्थान की धड़कन और मनमोहक गीत संगीत के साथ थिरक उठी—सचमुच रंगों से भरपूर, भावनाओं से ओत-प्रोत और यादगार एहसास वाली थी यह सांस्कृतिक संध्या।
