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Shri Ganga NagarNews

 सादुलशहर में नशा मुक्ति जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

मुख्य बिंदु
  • अमित यादव व जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 17 जेड में नशा मुक्ति जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
  • कार्यक्रम में श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि तुम्हारा घर पर कोई इंतज़ार कर रहा है।
  • तुम्हारी माँ की दुआएँ, पिता की उम्मीदें, भाई-बहनों का विश्वास और अपनों का प्यार तुम्हारे साथ है।
  • हमें आज अपने सपनों को पूरा करने के लिए किसी विद्यालय, कॉलेज, खेल मैदान या अपने कार्यस्थल पर होना चाहिए था, लेकिन नशा हमें उन सपनों से दूर ले जाकर उन्हें तबाह कर रहा है।
  • अभी भी समय है, लौट आओ क्योंकि तुम्हारा परिवार तुम्हें हारता हुआ नहीं, जीतता हुआ देखना चाहता है।
  • यदि जीवन में किसी का दिल जीतना है, माता-पिता की आँखों में खुशी देखनी है और समाज में सम्मान पाना है, तो सबसे पहले नशे को हराना होगा।
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 सादुलशहर में नशा मुक्ति जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव व जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 17 जेड में नशा मुक्ति जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि तुम्हारा घर पर कोई इंतज़ार कर रहा है। तुम्हारी माँ की दुआएँ, पिता की उम्मीदें, भाई-बहनों का विश्वास और अपनों का प्यार तुम्हारे साथ है।

हमें आज अपने सपनों को पूरा करने के लिए किसी विद्यालय, कॉलेज, खेल मैदान या अपने कार्यस्थल पर होना चाहिए था, लेकिन नशा हमें उन सपनों से दूर ले जाकर उन्हें तबाह कर रहा है।

अभी भी समय है, लौट आओ क्योंकि तुम्हारा परिवार तुम्हें हारता हुआ नहीं, जीतता हुआ देखना चाहता है। यदि जीवन में किसी का दिल जीतना है, माता-पिता की आँखों में खुशी देखनी है और समाज में सम्मान पाना है, तो सबसे पहले नशे को हराना होगा।

उन्होंने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सपनों को तोड़ देता है। एक नशे की लत माँ की नींद छीन लेती है, पिता की मेहनत को व्यर्थ कर देती है और बहन-बेटियों की आँखों में चिंता भर देती है।

इसलिए आज आवश्यकता केवल यह कहने की नहीं कि ‘‘नशा छोड़ो’’ बल्कि यह संकल्प लेने की है कि ‘‘मैं अपने जीवन को इतना मजबूत बनाऊँगा कि नशा मेरे पास आने की हिम्मत भी न करे।’’

प्रधानाचार्य श्री पंकज कुमार ने कहा कि घर लौटते समय केवल तुम नहीं लौटते, तुम्हारे साथ तुम्हारे माता-पिता की उम्मीदें भी लौटती हैं। उपस्थित युवाओं ने कहा कि वे आज के संदेश को केवल सुनकर नहीं, बल्कि अपने जीवन में अपनाकर समाज के लिए प्रेरणा बनेंगे।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने हाथ उठाकर शपथ ली कि वे स्वयं किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेंगे, अपने मित्रों और परिवार को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे तथा अपने गाँव, मोहल्ले और समाज को नशा मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।