श्रीगंगानगर। पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के अंतर्गत कार्यरत पशु विज्ञान केंद्र, सूरतगढ़ द्वारा विश्व पशु दिवस के उपलक्ष में एक दिवसीय संस्थागत प्रशिक्षण शिविर का आयोजन ाविवार को किया गया।
केंद्र प्रभारी अधिकारी डॉ. राजकुमार बेरवाल नेे बताया की कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों में पशु कल्याण, पशु स्वास्थ्य एवं पशुओं के प्रति संवेदनशीलता की भावना विकसित करना रहा।
इस वर्ष विश्व पशु दिवस की थीम See the World Through Their Eyes पर आधारित है। प्रशिक्षण के दौरान पशुओं के अधिकार, कल्याण एवं उचित देखभाल के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।डॉ. राजकुमार बेरवाल ने पशुओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
पशुओं के लिए स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छ आवास की आवश्यकता के बारे में बताया गया। पशुओं में समय पर टीकाकरण एवं कृमिनाशक दवा के महत्व की जानकारी दी गई।
पशुओं में होने वाले प्रमुख रोगों की पहचान, रोकथाम एवं उपचार के बारे में विस्तार से समझाया गया। पशुपालकों को पशुओं में बीमारी के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान करने के लिए जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण में पशुओं के साथ मानवीय एवं संवेदनशील व्यवहार करने का संदेश दिया गया। डॉ. बेरवाल ने पशु कल्याण को वैज्ञानिक पशुपालन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य एवं उत्पादकता में सुधार के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में प्लास्टिक से होने वाले नुकसान एवं पशुओं को प्लास्टिक खाने से बचाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
पशुपालकों से गौशालाओं एवं पशु आवास क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का आह्वान किया गया।
साथ ही पशुओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक प्लास्टिक एवं अन्य वस्तुओं का उचित निस्तारण करने की जानकारी दी गई।प्रशिक्षण में पशु चिकित्सा एवं पशु कल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई।
साथ ही पशुपालकों को केंद्र की प्रयोगशाला, अजोला यूनिट का प्रदर्शन बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस प्रशिक्षण शिविर में कुल 30 पशुपालकों ने भाग लिया।
