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Shri Ganga NagarNews

अनूपगढ़ में आमजन ने लिया नशा मुक्ति का संकल्प

मुख्य बिंदु
  • अमित यादव व जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत अनूपगढ़ में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से श्री विक्रम ज्याणी की टीम रेड आर्ट्स थिएटर ग्रुप के लक्ष्या ज्याणी, सहीराम, अंशु, अमन द्वारा प्रस्तुत अत्यंत भावनात्मक और यथार्थपरक नाटक रहा।
  • नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार नशे की लत इंसान से उसकी सोच, संवेदनाएं और रिश्ते तक छीन लेती है।
  • एक मार्मिक दृश्य में एक पिता, नशे की लत पूरी करने के लिए अपनी ही मासूम बेटी को बेचने जैसा अमानवीय कदम उठा लेता है।
  • श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है।
  • नशे के कारण बच्चों का बचपन छिन जाता है, माता-पिता की उम्मीदें टूट जाती हैं, बहनों की राखियां सूनी हो जाती हैं और कई घर हमेशा के लिए उजड़ जाते हैं।
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अनूपगढ़ में आमजन ने लिया नशा मुक्ति का संकल्प

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव व जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत अनूपगढ़ में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से श्री विक्रम ज्याणी की टीम रेड आर्ट्स थिएटर ग्रुप के लक्ष्या ज्याणी, सहीराम, अंशु, अमन द्वारा प्रस्तुत अत्यंत भावनात्मक और यथार्थपरक नाटक रहा। नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार नशे की लत इंसान से उसकी सोच, संवेदनाएं और रिश्ते तक छीन लेती है। एक मार्मिक दृश्य में एक पिता, नशे की लत पूरी करने के लिए अपनी ही मासूम बेटी को बेचने जैसा अमानवीय कदम उठा लेता है।

श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। नशे के कारण बच्चों का बचपन छिन जाता है, माता-पिता की उम्मीदें टूट जाती हैं, बहनों की राखियां सूनी हो जाती हैं और कई घर हमेशा के लिए उजड़ जाते हैं। इसलिए हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेंगे, अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे तथा समाज को नशा मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

श्री ख्याली सहारण ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं को संदेश दिया कि यदि किसी परिवार का सदस्य नशे की गिरफ्त में है, तो उसे तिरस्कार नहीं, बल्कि उपचार, सहयोग और अपनापन दें।

एक व्यक्ति का नशा छोड़ना केवल उसकी नहीं, बल्कि पूरे परिवार की नई जिंदगी की शुरुआत है। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में नागरिक, युवा, महिलाएं, विद्यार्थी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।