कोटा। दीपावली के त्योहार पर खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच कोटा में नकली और मिलावटी मावे की बिक्री पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की लगातार कार्रवाई के बावजूद मिलावटखोर सक्रिय हैं। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा दल ने अंबेडकर नगर कच्ची बस्ती स्थित मातेश्वरी मिल्क प्रोडक्ट्स पर औचक कार्रवाई करते हुए करीब 16 क्विंटल संदिग्ध मावा, मिल्क केक और मिठाइयां सीज कीं।
समय रहते कार्रवाई होने से यह माल त्योहारी बाजार में बिकने से रोक दिया गया।
'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा दल ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मातेश्वरी मिल्क प्रोडक्ट्स का निरीक्षण किया। यहां विभिन्न ब्रांड के नाम से तैयार खाद्य सामग्री प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाए जाने पर कुल 1590 किलोग्राम माल सीज किया गया।
1590 किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त कार्रवाई के दौरान मौके से निम्न सामग्री मिली— नंदी ब्रांड स्वीट हलवा – 540 किलो नंदी ब्रांड इंडियन डेजर्ट – 450 किलो सोहन मावा – 240 किलो फीका व मीठा मावा – 360 किलो कुल 1590 किलोग्राम खाद्य सामग्री के अलग-अलग लॉट से पांच नमूने लिए गए।
शेष सामग्री सीज कर प्रतिष्ठान मालिक की अभिरक्षा में सुरक्षित रखवाई गई। प्रतिष्ठान मालिक ने इन उत्पादों को सोहन, रिफाइंड तेल, लिक्विड ग्लूकोज, इलायची, मिल्क पाउडर, दूध और चीनी से तैयार होना बताया।
दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों की जांच, 21 नमूने लिए खाद्य सुरक्षा दल ने शहर के बोरखेड़ा, गुमानपुरा मावा मंडी, केशवपुरा, बजरंग नगर, सिंधी कॉलोनी और रावतभाटा रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान मावा और मिठाइयों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 21 नमूने लिए गए।
रसगुल्ला फैक्ट्री में मिली गंदगी, सुधार नोटिस जारी रावतभाटा रोड स्थित नया गांव में बीकानेरी रसगुल्ला निर्माता फर्म के निरीक्षण में स्वच्छता और हाइजीन की स्थिति बेहद खराब मिली। फैक्ट्री की दीवारों पर प्लास्टर नहीं था, जिससे रेत और मिट्टी फर्श पर गिर रही थी। फर्श भी काफी फिसलन भरा पाया गया, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर प्रमुख स्थान पर खाद्य लाइसेंस प्रदर्शित नहीं मिला। खाद्य सामग्री तैयार करने वाले कर्मचारियों ने हेयर कैप भी नहीं पहन रखी थी। मौके पर मेडिकल सर्टिफिकेट और पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट भी उपलब्ध नहीं करवाए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने यहां से रसगुल्ले और दूध के दो नमूने लिए। अनियमितताओं को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया जा रहा है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार सभी प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। लिए गए नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला कोटा भेजा जा रहा है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारी सीजन में बाहर से आने वाले मावे और पनीर पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा अन्य राज्यों से बसों और ट्रेनों के माध्यम से आने वाली खाद्य सामग्री की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई यह कार्रवाई प्रिंसिपल हेल्थ सेक्रेट्री गायत्री राठौर के संरक्षण, खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देशन तथा अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह और जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया के मार्गदर्शन में सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर की निगरानी में की गई।
खाद्य सुरक्षा दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप अग्रवाल, अरुण सक्सेना, चंद्रवीर सिंह जादौन, मोजीलाल कुंभकार, दीपक यादव, मनीषा रावत, खुशी सिंह, दिव्या संत सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
सवाल यह है कि लगातार कार्रवाई के बावजूद मिलावट का कारोबार आखिर कब थमेगा? त्योहारों पर आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए विभाग की निगरानी और सख्त कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित होती है, यह देखना होगा।
