श्रीगंगानगर। विकसित भारत जन सेवा अभियान 2026 के अंतर्गत महिला अधिकारिता विभाग द्वारा विकसित राजस्थान/2047 के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
इसी क्रम में पंचायत समिति पदमपुर में गुरुवार को आयोजित शिविर के दौरान नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना की लाभार्थी श्रीमती निर्मला द्वारा व्यापार श्रेणी में आवेदन किया गया।शिविर के दौरान सुपरवाइजर श्रीमती संध्या सिहाग ने बताया कि नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना तथा स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए रियायती दरों पर ऋण एवं अनुदान उपलब्ध करवाना है।
योजना के तहत महिलाएं व्यक्तिगत रूप से अथवा स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 1 करोड़ रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकती हैं।
योजना के तहत ऋण प्राप्त करने वाली सामान्य श्रेणी की महिला लाभार्थियों को तीन वर्ष पश्चात 25 प्रतिशत तथा विशेष श्रेणी की महिला लाभार्थियों को 30 प्रतिशत अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।
योजना के माध्यम से विनिर्माण, सेवा, व्यापार एवं कृषि आधारित क्षेत्रों में स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है।नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
योजना के माध्यम से महिलाओं को अपने उद्यम स्थापित कर आर्थिक सशक्तिकरण की ओर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। लाभार्थी ने राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के हित में संचालित योजनाओं एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
