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एलोरा चिल्ड्रन ऐकडमी के बाल वैज्ञानिकों ने विज्ञान मेले में दिखाई प्रतिभा एवं वैज्ञानिक सोच

श्रीगंगानगर। एलोरा चिल्ड्रन एकेडमी में कक्षा प्रथम से कक्षा आठवीं तक के छात्र-छात्राओं द्वारा विज्ञान मेले का आयोजन किया गया।

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एलोरा चिल्ड्रन ऐकडमी के बाल वैज्ञानिकों ने विज्ञान मेले में दिखाई प्रतिभा एवं वैज्ञानिक सोच

श्रीगंगानगर। एलोरा चिल्ड्रन एकेडमी में कक्षा प्रथम से कक्षा आठवीं तक के छात्र-छात्राओं द्वारा विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपने सहपाठियों के साथ मिलकर विभिन्न वैज्ञानिक विषयों पर आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक मॉडल तैयार कर अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच एवं कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया।

विज्ञान मेले में कंप्यूटर एवं संचार, जैविक विज्ञान, परिवहन एवं सड़क सुरक्षा, जल चक्र, पानी गर्म करने की प्रक्रिया, रासायनिक अभिक्रिया, चिकित्सकीय उपचार, पाचन तंत्र, आँखें, दाँत एवं ज्वालामुखी सहित अनेक विषयों पर मॉडल प्रदर्शित किए गए।

कक्षा प्रथम में निर्भय, हर्षगुण एवं आर्यन ने “स्कूल में व्यक्ति “मॉडल प्रस्तुत किया। कक्षा द्वितीय में ताक्षवी, तायरा एवं जयकुमार ने “जानवरों के प्रकार “तथा भूमि ने “दिशाओं” का मॉडल प्रस्तुत किया।

कक्षा तृतीय में अंकित एवं रितिका ने “पौधे के भाग”,कक्षा चतुर्थ में हर्षप्रीत, कल्पना, वंदना एवं परी ने “जानवरों के प्रकार एवं उनका भोजन”, कक्षा पंचम में तृषा, समीर एवं शिवानी ने “मछली का मॉडल “प्रस्तुत किया।

अंकित एवं एकलव्य ने “जल चक्र “का मॉडल बनाया।

कक्षा 6 की नेहल, वंशिका, अभिषेक, रिया एवं जैस्मिन ने “रासायनिक अभिक्रिया एवं जल की अवस्थाएँ”,कक्षा 7 की खुशनीत, मानवी एवं गुरप्रीत ने “गर्म हवा ऊपर उठती है”,तथा कक्षा 8 में पुनित, दिशांत, आसिफ एवं अल्फाज़ ने “ज्वालामुखी”, दिव्या एवं इशा ने “आँखें”,शगुनदीप ने “दाँत की चिकित्सा उपचार “तथा वैष्णवी ने “पाचन तंत्र” का मॉडल प्रस्तुत किया।

मेले में पहुंचे अभिभावकों ने विद्यार्थियों के मॉडल का अवलोकन किया तथा बच्चों से प्रश्न पूछकर उनके वैज्ञानिक प्रयोगों एवं मॉडल की कार्यप्रणाली को समझा। विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने मॉडल के बारे में जानकारी दी।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रीमा शर्मा एवं डायरेक्टर संजीव शर्मा ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान बच्चों में जिज्ञासा, तर्कशक्ति, रचनात्मकता एवं समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करता है।

विज्ञान मेले जैसे आयोजन विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान को व्यवहारिक रूप से समझने तथा अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के बाल वैज्ञानिक ही भविष्य में देश के विकास, नवाचार एवं प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इस अवसर पर विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन वंदना मैनी एवं योगिता अध्यापिका की देखरेख में किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने विज्ञान मेले में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों एवं सहयोगी अध्यापकों की सराहना की तथा कार्यक्रम में उपस्थित होकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने वाले सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।