रामगंजमंडी। ग्राम रीछड़िया, तहसील रामगंजमंडी निवासी श्री बृजमोहन मेहता की धर्मपत्नी श्रीमती बद्री बाई का कोटा के एक निजी अस्पताल में हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया। परिवार के लिए यह अत्यंत दुःखद घड़ी थी, लेकिन इस कठिन समय में भी परिवार ने मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों को सर्वोपरि रखते हुए माताजी का नेत्रदान करवाने का पुनीत निर्णय लिया।
बृजमोहन मेहता का परिवार प्रारंभ से ही सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा कार्यों में अग्रणी रहा है। ज्येष्ठ पुत्र मुकेश कुमार मेहता सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ मां गायत्री के उपासक भी हैं। माताजी के निधन की सूचना मिलते ही उनके मित्र एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र पंकज काला तथा वीरेंद्र कुमार जैन ने मुकेश मेहता से संपर्क कर माताजी के नेत्रदान का आग्रह किया।
मुकेश मेहता ने तत्काल अपने छोटे भाइयों बलराम, शैलेन्द्र एवं जीतेश, बहनों रेखा एवं ज्योति मीना तथा पिता श्री बृजमोहन मेहता से चर्चा कर सहमति प्राप्त की। परिवार के सभी सदस्यों ने धर्म, सेवा और मानवता के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए सहर्ष नेत्रदान के लिए सहमति प्रदान की।
परिवार की सहमति मिलते ही आरोग्य भारती के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र जैन की सूचना पर शाइन इंडिया फाउंडेशन की टीम के कुलवंत गौड़ ने परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न करवाई।
शाइन इंडिया फाउंडेशन के शहर संयोजक संजय विजावत ने बताया कि संस्था द्वारा पिछले 15 वर्षों से किए जा रहे निरंतर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। अब नेत्रदान के प्रति जागरूकता केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग आगे आकर इस पुनीत कार्य में भागीदारी निभा रहे हैं।
परिवार ने दुःख की घड़ी को मानव सेवा के संकल्प में बदलकर समाज को एक प्रेरणादायी संदेश दिया है। श्रीमती बद्री बाई का नेत्रदान उन लोगों के जीवन में नई रोशनी की उम्मीद बनेगा, जो दृष्टि पाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
नेत्रदान महादान है। शरीर नश्वर है, लेकिन हमारा यह छोटा सा संकल्प किसी के जीवन में उजाला भर सकता है।
