कोटा । मोबाइल पर अधिक से अधिक समय बिताने वाले सभी व्यक्ति विशेषकर बच्चें सचेत हो जाएं कि वे अपनी आंखों और नेत्र ज्योति के साथ घातक व्यवहार कर रहे हैं।
यह विचार नेत्र जागरूकता कार्यक्रम परिचर्चा में संबोधित करते हुए नेत्र शल्य चिकित्सक डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि आंखों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं बच्चें मोबाइल के स्क्रीन टाइम में संतुलन बनाएं।
वे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामपुरा, कोटा में “विद्यार्थियों में आँखों की समस्याएँ एवं समाधान” विषय पर रोचक एवं संवादात्मक जागरूकता कार्यक्रम में बोल रहे थे।
कार्यक्रम का आयोजन आई पी सी ए लेबोरेटरीज एवं एल्केम लेबोरेटरीज लि. के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को आयोजित किया गया।
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए नेत्र सर्जन डॉ.पाण्डेय ने बताया कि बोर्ड पर लिखा स्पष्ट दिखाई न देना, बार-बार आँखें मलना, सिरदर्द, आँखों से पानी आना और किताब बहुत पास रखकर पढ़ना जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बच्चों को निकट दृष्टिदोष, आँखों की एलर्जी, डिजिटल आई स्ट्रेन, नियमित नेत्र परीक्षण तथा 20-20-20 नियम के बारे में सरल उदाहरणों से समझाया गया।
प्रतिदिन लगभग दो घंटे बाहरी गतिविधियों, संतुलित स्क्रीन टाइम और पर्याप्त रोशनी में पढ़ने का महत्व भी बताया गया। हर बच्चे को केवल अच्छी दृष्टि ही नहीं, अपने सपनों को साकार करने का अवसर भी मिलना चाहिए!
बच्चों की जिज्ञासा का समाधान भी किया गया।
