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Udaipur News

ईएसआईसी अस्पताल, उदयपुर में ‘वार्षिक स्वास्थ्य जांच’ पायलट परियोजना का उच्च स्तरीय निरीक्षण

मुख्य बिंदु
  • कर्मचारी राज्य बीमा निगम मुख्यालय से मेडिकल कमिश्नर (मेडिकल सर्विसेज) डॉ.
  • श्रीनिवासन एवं पब्लिक हेल्थ यूनिट के नोडल अधिकारी डॉ.
  • सुलभ सैनी द्वारा शनिवार को ईएसआईसी अस्पताल, चित्रकूट नगर, उदयपुर का आधिकारिक दौरा कर यहां संचालित ‘वार्षिक स्वास्थ्य जांच’ पायलट परियोजना का विस्तृत एवं उच्च स्तरीय निरीक्षण किया गया।
  • निरीक्षण के दौरान चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, कार्यप्रणाली एवं लाभार्थियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का समग्र मूल्यांकन किया गया।
  • प्रबोध सोलंकी ने बताया कि पायलट परियोजना 1 अप्रैल 2026 से ईएसआईसी अस्पताल, उदयपुर में प्रारंभ की गई है।
  • इस पहल के अंतर्गत लाभार्थियों को रक्त जांच, ईसीजी, नेत्र जांच तथा एक्स-रे जैसी आवश्यक नैदानिक सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे रोगों का प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाकर समय पर प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
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ईएसआईसी अस्पताल, उदयपुर में ‘वार्षिक स्वास्थ्य जांच’ पायलट परियोजना का उच्च स्तरीय निरीक्षण

उदयपुर। कर्मचारी राज्य बीमा निगम मुख्यालय से मेडिकल कमिश्नर (मेडिकल सर्विसेज) डॉ. आर. श्रीनिवासन एवं पब्लिक हेल्थ यूनिट के नोडल अधिकारी डॉ. सुलभ सैनी द्वारा शनिवार को ईएसआईसी अस्पताल, चित्रकूट नगर, उदयपुर का आधिकारिक दौरा कर यहां संचालित ‘वार्षिक स्वास्थ्य जांच’ पायलट परियोजना का विस्तृत एवं उच्च स्तरीय निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, कार्यप्रणाली एवं लाभार्थियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का समग्र मूल्यांकन किया गया।

नोडल अधिकारी डॉ. प्रबोध सोलंकी ने बताया कि पायलट परियोजना 1 अप्रैल 2026 से ईएसआईसी अस्पताल, उदयपुर में प्रारंभ की गई है।

इस पहल के अंतर्गत लाभार्थियों को रक्त जांच, ईसीजी, नेत्र जांच तथा एक्स-रे जैसी आवश्यक नैदानिक सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे रोगों का प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाकर समय पर प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

सेवाओं के सुचारू संचालन हेतु विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात की गई है, जिसमें नेत्र रोग सेवाएं डॉ. पूनम गुप्ता द्वारा, लैब सेवाएं डॉ. प्रभात कुमार मेहता के निर्देशन में तथा रेडियोलॉजी सेवाएं डॉ. पी. डी. शर्मा द्वारा प्रदान की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि संपूर्ण परियोजना का प्रभावी पर्यवेक्षण डॉ. अनुराधा गहलोत के निर्देशन में किया जा रहा है, जबकि परियोजना के समन्वय एवं व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी दीपिका पटेल एवं मनीष पराशर द्वारा प्रभावी रूप से निभाई जा रही है।

इसके अतिरिक्त, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं कार्मिकों की समुचित तैनाती सुनिश्चित करने में डॉ. अमित तांबी एवं डॉ. मुकेश कुमार मांजू की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

साथ ही, शिविर की सम्पूर्ण रूपरेखा एवं संचालन डॉ. प्रबोध सोलंकी एवं डॉ. प्रभात कुमार मेहता द्वारा प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जा रहा है तथा रोगियों की जांच रिपोर्ट के परीक्षण एवं चिकित्सकीय समीक्षा का दायित्व डॉ. मोहित अरोड़ा द्वारा प्रभावी रूप से निभाया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान डॉ. श्रीनिवासन एवं डॉ. सैनी ने स्वास्थ्य जांच प्रक्रिया में अपनाई जा रही व्यवस्थाओं, दक्ष संचालन एवं नवाचारों की सराहना की तथा इसे एक अनुकरणीय मॉडल बताते हुए अन्य ईएसआईसी संस्थानों में भी इस प्रकार की परियोजना लागू करने की संभावनाओं पर बल दिया।

डॉ. श्रीनिवासन ने इस अवसर पर सभी अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ एवं प्रशासनिक टीम के समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए विशेष रूप से प्रशंसा व्यक्त की।

निरीक्षण उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में मेडिकल कमिश्नर ने चिकित्सा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

उन्होंने विशेष रूप से जांच प्रक्रियाओं को समयबद्ध बनाने, रिपोर्ट की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखने पर जोर दिया।

साथ ही, दीपक कुमार चौरसिया, संयुक्त निदेशक से आवश्यक जागरूकता सुनिश्चित करने हेतु कहा गया।

अस्पताल प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यालय से प्राप्त सुझावों एवं मार्गदर्शन को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाएगा, जिससे चिकित्सा सेवाओं के स्तर को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके।