उदयपुर। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि प्रदेश सरकार की अपेक्षा के अनुरूप राजस्व को प्राथमिकता रखते हुए राजस्व लक्ष्यों को पूर्ण किया जाना चाहिए।
राजस्व लक्ष्य की पूर्ति के लिए गत वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य तय करते हुए दैनिक समीक्षा करेंगे तो वांछित लक्ष्य प्राप्त किए जा सकंेगे।
आबकारी आयुक्त विडियों कांफ्रेंस के माध्यम से विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय समीक्षा वीसी में राजस्व, विशेष निरोधात्मक अभियान, बकाया वसूली, जब्त वाहनों की नीलामी आदि के संबंध में विस्तृत समीक्षा कर निर्देश प्रदान किए।
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने वीसी मंे कहा कि राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति में कोताही होने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी अतः सजग होकर राजस्व अर्जन के लक्ष्य पूर्ण करें।
यदि गत वर्ष सितंबर माह की तुलना में राजस्व अर्जन में 20 प्रतिशत की वृद्धि की कार्य योजना रखते हुए प्रयास करेंगे तो सफलता प्राप्त होगी। वीसी में जोन एवं जिलावार समीक्षा के तहत राजस्व अर्जन में पिछड़ रहे भरतपुर, कोटा, जयपुर को अपेक्षित प्रगति के निर्देश दिए।
इसी क्रम में राजस्व अर्जन में पिछडे़ बारां, झालावाड़, बूंदी, कोटा, बीकानेर, पाली, जयपुर सिटी, श्रीगंगानगर को निर्देशित किया गया कि किसी भी परिस्थिति में 15 प्रतिशत से कम की राजस्व ग्रोथ स्वीकार्य नही है कार्ययोजना बनाकर समीक्षा कर अपेक्षित लक्ष्य प्राप्त करना सुनिष्चित करें।वीसी में प्रदेश में 14 से 30 सितंबर तक जारी विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण अभियोग दर्ज करने के लिए निर्देशित किया गया।
आबकारी आयुक्त ने बीते अप्रेल में निरोधात्मक केम्पेन के अनुरूप आईएमएफएल एवं वाहनों की बड़ी जब्ती करते हुए ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुखबिर तंत्र की सहायता से राजमार्गाें पर अवैध मदिरा की तस्करी, होटल्स, विला एवं संदेहास्पद क्षेत्रों में दबिश की कार्यवाही में वृद्धि करते हुए गंभीरता से कार्य करें।
वीसी में जोन, जिला, सर्कल एवं थानावार निरोधात्मक कार्रवाई का विश्लेषण करते हुए अपेक्षित प्रगति से पिछडनें पर बूंदी, बारां, कोटा, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, ंडूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही, हनुमानगढ़, दौसा, अलवर के अधिकारियों को अभियान में सक्रियता से अपेक्षित प्रगति के निर्देष दिए।
झुंझुंनू को निरोधात्मक अभियान के तहत जब्ती की प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रशंसा करते हुए अन्य जिलों को अनुसरण के लिए कहा गया।
निरोधात्मक अभियान के तहत संभाग स्तर पर कम से कम एक अवैध मदिरा के एक ट्रक पर कार्रवाई, महत्वपूर्ण अभियोग में एवं जब्ती में वृद्धि के लिए भी निर्देशित किया गया।
सीमावर्ती जिलों में गश्ती दल के माध्यम से अवैध मदिरा की तस्करी पर प्रभावी रोक व धरपकड़ के लिए भी निर्देश दिए गए।वीसी में बकायादारों से वसूली के लिए संबंधित सम्पत्ति चिन्ह्ीकरण व अटेच करते हुए नियमानुसार नीलामी व कुर्की के लिए निर्देशित किया गया।
नीलामी के संबंध में यूआईटी एवं निकायों के समान आईटी सेक्शन को नीलामी का आॅनलाईन माॅड्यूल प्राप्त कर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए।
जिलों में जब्त वाहनों की बड़ी संख्या के मद्देनजर जयपुर ग्रामीण व शहर, हनुमानगढ़, अलवर, बहरोड़, जोधपुर, जालौर, पाली, डूंगरपुर को शीघ्रता से नीलामी के लिए निर्देशित किया गया।
समीक्षा वीसी में एएलएफ के प्रथम किष्त चालान को शीघ वेरिफाई करने के निर्देश भी दिए।वीसी में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिलेवार लक्ष्य व प्रगति के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इस अवसर पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन प्रभा गौतम, वित्तिय सलाहकार सुनिता विजय, उपायुक्त ईपीएफ प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत सहित प्रदेश के समस्त जोन के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, उपायुक्त ईपीएफ, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक, प्रहराधिकारी मौजूद रहे।
