हमारा मस्तिष्क शरीर का सर्वाेत्तम अंगःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर। देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन देते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने मस्तिष्क (दिमाग) को शरीर का सर्वाेत्तम अंग बताया। उन्हों…
“मस्तिष्क” के परिणाम
उदयपुर। देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन देते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने मस्तिष्क (दिमाग) को शरीर का सर्वाेत्तम अंग बताया। उन्हों…
उदयपुर , महावीर समवशरण में आयोजित ‘गुरु पुष्कर सप्ताह’ के समापन अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में …
उदयपुर। मानव मस्तिष्क की असीम क्षमताओं, ध्यान और विलक्षण स्मरण शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन आगामी 15 नवंबर 2026, रविवार को झीलों की नगरी उदयपुर में देखने को मिले…
उदयपुर: उदयपुर के पारस हेल्थ के एक न्यूरोसर्जन ने वर्ल्ड UBE सोसाइटी द्वारा साउथ कोरिया के डेजॉन में 20 जुलाई से 14 अगस्त, 2026 तक आयोजित यूनिलेटरल बाइपोर्टल ए…
जयपुर । राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अभिविन्यास कार…
शूर्पणखा का नाक कटा तो रावण ने सीता का किया हरणहाईटेक रामलीला रामलीला अंतिम चरण की ओर बढ़ीश्रीगंगानगर। रिद्धि सिद्धि कॉलोनी प्रथम स्थित प्लेटिनम पार्क में श्री…
जयपुर । राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि …
2 अक्टूबर आते ही राष्ट्र महात्मा गाँधी को याद करता है। सरकारी कार्यालयों से लेकर विद्यालयों तक उनके चित्र पर माल्यार्पण होता है, प्रार्थना सभाएँ आयोजित होती है…
उदयपुर। हलवाई व्यापार कल्याण संस्था एवं के.डी. हॉस्पिटल, अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में उदयपुर में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन आर.एन.टी. ऑडिटोरियम…
विजय जोशी, कोटाकथाकार और समीक्षक, कोटाभारतीय संस्कृति की विविधता में यात्राओं का महत्व एक छोटी इकाई से वृहद रूप में परिलक्षित होता है। वस्तुतः यात्रा में एक प्…
मनुष्य स्वभाव से ही घुमंतू प्राणी है। उसके भीतर अपने आसपास की दुनिया को देखने, जानने और नए अनुभवों से गुजरने की एक सहज ललक होती है। शायद यही कारण है कि घूमने क…
मनुष्य बाहर की दुनिया को जीतने की आकांक्षा में इतना व्यस्त है कि वह अपने भीतर की दुनिया से दूर होता जा रहा है। उसने आकाश की ऊँचाइयाँ नाप लीं, समुद्र की गहराइया…