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चतुर केवट-भोले प्रभु श्रीराम संवाद ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया

शूर्पणखा का नाक कटा तो रावण ने सीता का किया हरणहाईटेक रामलीला रामलीला अंतिम चरण की ओर बढ़ीश्रीगंगानगर। रिद्धि सिद्धि कॉलोनी प्रथम स्थित प्लेटिनम पार्क में श्री रामलीला सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित हाईटेक रामलीला के

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चतुर केवट-भोले प्रभु श्रीराम संवाद ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया

शूर्पणखा का नाक कटा तो रावण ने सीता का किया हरण हाईटेक रामलीला रामलीला अंतिम चरण की ओर बढ़ी श्रीगंगानगर।

रिद्धि सिद्धि कॉलोनी प्रथम स्थित प्लेटिनम पार्क में श्री रामलीला सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित हाईटेक रामलीला के छठे दिन शुक्रवार रात बड़ी संख्या में उमड़े दर्शकों ने रामकथा के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का सजीव दर्शन किया।

शुरुआत रामायण के अत्यंत मर्मस्पर्शी और रोचक प्रसंग “चतुर केवट और भोले प्रभु श्रीराम” के संवाद से हुई।

केवट द्वारा प्रभु राम के चरणों को धोने की जिद और उसके पीछे छिपी भक्ति-भावना को कलाकारों ने इतनी सहजता और भावुकता के साथ मंचित किया कि पूरा पंडाल तालियों की गूंज से गूंज उठा।

आज मुख्य अतिथि आशीष गुप्ता, जसवंत गोयल, भगवानदास पाहूजा, अशोक भाटिया,अनिल गुप्ता,गौतम कुक्कड़‌ और मनुप्रताप यादव का सम्मान किया गया।

हाईटेक रामलीला में शुक्रवार रात अपने अनेक महत्वपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किए। कैकेयी देश और कौशल्या महल के दृश्यों में महल के आंतरिक तनाव और मां कौशल्या की ममता को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।

इसके बाद निखादराज-भरत मिलन, वन में राम-भरत मिलाप तथा भरत दरबार के प्रसंगों में भरत की राजकीय जिम्मेदारी और श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति को जीवंत रूप दिया गया।

पंचवटी में लक्ष्मण द्वारा शूर्पणखा का नाक काटने का दृश्य दर्शकों में उत्साह का संचार करने वाला रहा।फिर सीता का अग्नि प्रवेश, खर-दूषण दरबार, रामा दल, रावण द्वारा अपने दरबार में एकांत में सोच-विचार करना, खर-दूषण के मारे जाने की सूचना का आगमन, रावण-मारीच संवाद, सीता हरण, जटायु-रावण युद्ध तथा अंत में रामविलाप जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों को अत्यंत सधे हुए अंदाज में मंचित किया गया।

सभी कलाकारों की अभिनय क्षमता और संवाद अदायगी ने इन प्रसंगों को और भी प्रभावशाली बना दिया। इस दिन की रामलीला के साथ यह कार्यक्रम रामायण के अंतिम चरण की ओर बढ़ चुका है।

हाईटेक रामलीला में श्री रामलीला सेवा समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा, सचिव दिनेश शर्मा तथा निर्देशक सुभेष देहडान प्रमुख भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं ।

यह तीनों रावण, राम और लक्ष्मण की भूमिकाएं निभा रहे हैं।

अन्य कलाकारों में सुधीर गोयल, हरप्रीतकौर, सूरज सोनी, रवि सोनी,नैना, प्रियंका, आंचल धींगडा, ज़श्न,शेखर, निखिल, लक्ष्य, रोहित, हर्ष गोयल, सुषमा बतरा, निधि कामरा, संजय बजाज, राधा गुनेजा, हार्दिक, अजय सिवान और तुषार भाटिया ने अपनी-अपनी भूमिकाओं को सशक्त अभिनय से निभाते हुए दर्शकों को प्रभावित किया।

पर्दे के पीछे मेहनती टीम सक्रिय रामलीला की भव्यता और निरंतरता के पीछे लगभग 50 सदस्यों की मेहनती टीम का योगदान उल्लेखनीय है। कलाकारों का मैकअप राजेश सारस्वत करते हैं।

पर्दे के पीछे दृश्यों की तैयारी, कलाकारों को ड्रेस-अप और मेकअप करवाना, संवादों की प्रॉम्प्टिंग, पर्दा उठाने-गिराने का काम, कलाकारों को संवाद याद करवाना तथा प्रसंग के अनुरूप वातावरण तैयार करने में यह टीम दिन-रात मेहनत कर रही है।

जिस दिन जिन कलाकारों की मंच पर कोई भूमिका नहीं होती तो वे पर्दे के पीछे की व्यवस्थाओं में सहयोग करते हैं।लाइव म्यूजिक की कमान केसी और उनके ग्रुप के कलाकारों ने संभाली है, जबकि गायक जितेंद्र अरोडा अपनी मधुर आवाज में भजनों की धारा बहाकर माहौल को और भी भक्तिमय बना रहे हैं।

पर्दे के पीछे के कामकाज को संभालने वालों में अमित धींगडा, नरेंद्र जुनेजा, भूषण अरोड़ा, विनोद कुक्कड़,महेंद्र जिंदल, रामलीला सेवा समिति के संरक्षक पवन वधवा, संजय गोयल, विधि मंत्री गुरमेश धींगडा एडवोकेट और उनकी धर्मपत्नी मल्लिका, राहुल सालासर, गगनदीप भाटिया सहित कई अन्य लोग शामिल हैं।

इन सबकी सामूहिक मेहनत मंच पर साफ दिखाई दे रही है। रामलीला को निरंतर भव्य, आकर्षक और प्रभावी बनाने के लिए टीम दिन-प्रतिदिन नए प्रयास कर रही है।

खुद पोशाक शिव भगवान शराब की की दमदार आवाज सीधे दर्शकों के मन मस्तिष्क में उतर जाती है।