एसकेडीयू के दीक्षांत समारोह में 384 विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां
हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय (एसकेडीयू), हनुमानगढ़ का द्वितीय भव्य दीक्षांत समारोह शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ।…
“ईमानदारी” के परिणाम
हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय (एसकेडीयू), हनुमानगढ़ का द्वितीय भव्य दीक्षांत समारोह शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ।…
राजसमंद। अनन्ता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित एमबीबीएस विद्यार्थियों के स्वागत के लिए व्हाइट कोट सेरेम…
उदयपुर । साक्षर नहीं, शिक्षित नागरिकों से विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा। शिक्षा के माध्यम से मिले नैतिक, सामाजिक मूल्यों से ही शासन, प्रशासन में श्रेष्ठता सु…
इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका महत्व उनके जीवनकाल की घटनाओं तक सीमित नहीं रहता।बल्कि एक कालजयी इतिहास बन जाता है। ऐसे इतिहास पुरुष अपने समय की च…
देवनानी बोले— शासन और प्रशासन का लक्ष्य लोक कल्याण, संवेदनशीलता व समन्वय से आती है प्रशासनिक दक्षताउदयपुर, विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए केवल साक्…
देवनानी बोले— शासन और प्रशासन का लक्ष्य लोक कल्याण, संवेदनशीलता व समन्वय से आती है प्रशासनिक दक्षताउदयपुर, विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए केवल साक्…
उदयपुर। भारत सरकार के सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के अंतर्गत आयकर विभाग, उदयपुर की ओर से गिर्वा, जोगी तालाब स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में ‘सत्यनिष्ठ…
उदयपुर | भारतीय लोक कला मंडल, उदयपुर द्वारा केरलम के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. विश्वास मेहता, आई. ए. एस की पुस्तक सैंड टू शोर’ के पठन एवं संवाद सत्र का आयोजन मंगलवा…
बदलते समय के साथ स्वतंत्रता की परिभाषा भी बदल रही है। आज की युवा पीढ़ी निजता, व्यक्तिगत पसंद और अपने निर्णयों को लेकर अधिक मुखर है। इसी दौर में ‘माय बॉडी, माय …
उदयपुर । भारत सरकार के सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के तहत आयकर विभाग उदयपुर की ओर से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पानेरियों की मादड़ी में ‘सत्यनिष्ठा से समृद…
भारतीय संस्कृति में पर्व और त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठानों अथवा परंपराओं के निर्वहन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्रकृति, समाज और मानवीय संवेदनाओं के बीच आत्मी…
जब गलत को सही मान लिया जाएअधर्म केवल पूजा-पाठ से विमुख होना या धार्मिक परंपराओं का पालन न करना नहीं है। अधर्म वह मानसिकता है, जिसमें मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए…