हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय (एसकेडीयू), हनुमानगढ़ का द्वितीय भव्य दीक्षांत समारोह शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ।
समारोह में 384 विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को पीएचडी और स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘पॉन्डमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध रामवीर तंवर को पर्यावरण विज्ञान में मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
समारोह में शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास, स्वरोजगार और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषय प्रमुखता से उभरे। वक्ताओं ने कहा कि उपाधि प्राप्त करना केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि जीवन में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है।
शिक्षा तभी सार्थक है, जब उससे प्राप्त ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में किया जाए।
ज्ञान के साथ संकल्प और समर्पण जरूरी : स्वामी ओम दास जी महाराज अखिल भारतीय सांगलिया धूणी, सीकर के पीठाधीश्वर एवं समारोह के मुख्य अतिथि स्वामी श्री ओम दास जी महाराज ने दीक्षांत उद्बोधन में कहा कि ज्ञान प्राप्त करना शिक्षा है, जबकि शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने जीवन के उद्देश्य के प्रति संकल्प और समर्पण प्रदर्शित करना दीक्षा है।
उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को निजी स्वार्थों से ऊपर उठकर देश और समाज के हित में योगदान देना होगा। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, प्रतिभा और क्षमताओं का उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए करना चाहिए।
उपाधि के बाद भी सीखना बंद न करें : न्यायमूर्ति मनोज कुमार गर्ग समारोह की अध्यक्षता कर रहे राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गर्ग ने कहा कि वर्ष 2018 में स्थापित श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय ने आठ वर्षों की यात्रा में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है।
उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ नए स्टार्टअप शुरू होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने शोधार्थियों और विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उपाधि प्राप्त करने के बाद भी सीखना बंद नहीं करना चाहिए।
जीवनभर विद्यार्थी बने रहना ही निरंतर प्रगति का आधार है। असफलता को अंत मानने के बजाय उसे सफलता की ओर बढ़ने का एक पड़ाव समझना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखने और अर्जित ज्ञान का उपयोग राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया।
सत्य, कर्तव्य और संस्कृति के संरक्षण का संदेश हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा और साधना के एक महत्वपूर्ण पड़ाव की पूर्णता का प्रतीक है।
अब विद्यार्थियों के सामने अपने ज्ञान को जीवन में उतारने और संकल्पों को व्यवहार में परिणत करने की चुनौती है।
उन्होंने सत्य बोलने और अपने कर्तव्य का पालन करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए तथा अपनी सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण के प्रति सजग रहना चाहिए।
शिक्षा की सार्थकता समाज के लिए उपयोगिता से तय होती है : प्रो. गोविंद सहाय शुक्ला डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलपति प्रो. (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ला ने संस्कृत के श्लोकों से सुसज्जित उद्बोधन में कहा कि केवल उपाधि प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है।
शिक्षा के माध्यम से जीवन में सफलता हासिल करने के साथ उसकी सार्थकता भी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को आत्ममंथन करना चाहिए कि उसकी शिक्षा और उपाधि समाज के लिए कितनी उपयोगी सिद्ध हो रही है।
उन्होंने आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षित व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करे।
युवाओं से रोजगार सृजन और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का आह्वान कृषि विश्वविद्यालय, कोटा की कुलपति डॉ. विमला डुंकवाल ने कहा कि उपाधि प्राप्त करना केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी भी है।
विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा यहां समाप्त नहीं होती, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के नए अवसर शुरू होते हैं। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता भी बताई। डॉ. डुंकवाल ने मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण परिवार एवं सामाजिक संबंधों में बढ़ती दूरियों पर चिंता जताई।
उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार तलाशने वाले बनने के बजाय रोजगार देने वाले बनने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।
पॉन्डमैन ऑफ इंडिया’ रामवीर तंवर को मानद डॉक्टरेट दीक्षांत समारोह का प्रमुख आकर्षण पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रामवीर तंवर को पर्यावरण विज्ञान में मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान करना रहा।
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा निवासी तंवर ‘पॉन्डमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध हैं और सेव अर्थ एनजीओ के संस्थापक हैं।
जल निकायों एवं तालाबों को पुनर्जीवित करने, आर्द्रभूमियों के संरक्षण और विकास, शहरी क्षेत्रों में छोटे वन विकसित करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
उपाधि के साथ बढ़ती है समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी ट्रस्ट की उपाध्यक्ष श्रीमती कृष्णा यादव ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ उन्हें अपने ज्ञान का व्यापक उपयोग करने के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि पीएचडी और स्नातकोत्तर उपाधियां प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के अध्ययन और अनुसंधान से समाज को नए विचार, उपयोगी जानकारियां और समस्याओं के समाधान मिल सकते हैं।
उच्च शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य ज्ञान को व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक प्रगति से जोड़ना है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान को व्यवहार में उतारने, कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने, रोजगार के नए अवसर विकसित करने और सामाजिक चुनौतियों के समाधान में योगदान देने का आह्वान किया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और नवाचार पर विशेष जोर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अमरजीत सिंह ने दीक्षार्थियों को शपथ दिलाई। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा के साथ अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को परीक्षाओं के लिए तैयार करने तक सीमित नहीं है।
उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाना भी जरूरी है। शिक्षा को व्यावहारिक प्रशिक्षण, रोजगार की आवश्यकताओं और समाज की वास्तविक समस्याओं से जोड़ने पर विद्यार्थियों के लिए नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और तकनीकी क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों पर आधारित अनुसंधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनजीवन को बेहतर बनाने में उपयोगी साबित हो सकता है।
आर्मी बैंड और घुड़सवारों ने बढ़ाई समारोह की शोभा दीक्षांत समारोह में अतिथियों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। रजिस्ट्रार डॉ. मयंक माथुर के नेतृत्व में शैक्षणिक शोभायात्रा निकाली गई।
गुड डे डिफेंस सैनिक स्कूल के विद्यार्थियों ने आर्मी बैंड की मनमोहक प्रस्तुतियों, घुड़सवारों और अनुशासित सैन्य वेशभूषा के साथ अतिथियों का स्वागत किया।
समारोह का शुभारंभ सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विश्वविद्यालय के थीम गीत की प्रस्तुति दी गई, जिसके सम्मान में उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने खड़े होकर सम्मान प्रकट किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। इसमें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा, उपलब्धियों और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को प्रस्तुत किया गया।
गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता विश्वविद्यालय का संकल्प समारोह में भारत माता के जयघोष के साथ स्वागत उद्बोधन देते हुए श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि जीवन में कभी भी शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए।
ईमानदारी का रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन यही मजबूत भविष्य की नींव रखता है। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कवि हरिवंश राय बच्चन की प्रसिद्ध पंक्तियों—‘लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती’—का उल्लेख किया।
विश्वविद्यालय के महानिदेशक एवं सेवानिवृत्त आईजी गिरिश चावला ने धन्यवाद संबोधन में अतिथियों का आभार व्यक्त किया और विश्वविद्यालय की अब तक की यात्रा का विवरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए कहा कि ज्ञान अवसर प्रदान करता है, जबकि अनुशासन प्रतिष्ठा दिलाता है।
विद्यार्थी की सफलता केवल शैक्षणिक उपाधियों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और सामाजिक संवेदनशीलता से भी आंकी जानी चाहिए।
इनकी भी रही गरिमामयी उपस्थिति समारोह में महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय, बद्दी (सोलन) के प्रो-कुलपति प्रो. (डॉ.) आर.के. गुप्ता, अर्जुन पुरस्कार विजेता पैरा एथलीट संदीप सिंह मान, अर्जुन पुरस्कार विजेता संदीप नरवाल, पदक विजेता खिलाड़ी राकेश नरवाल, पूर्व सांसद एवं केंद्रीय मंत्री निहालचंद मेघवाल, भाजपा प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल, विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन वरुण येादव, प्रबंध निदेशक दिनेश जुनेजा, भाजपा नेता देवेंद्र अग्रवाल, विभाग प्रचारक अशोक कुमार, विश्वविद्यालय की डिप्टी एमडी पूजा जुनेजा, वाग्भट वेलनेस आयुष रिसर्च सेंटर की सीईओ सिमरन जुनेजा, पार्षद मनजिंदर लेगा, मोहन लाल स्वामी और अशोक गाबा सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
