राजसमंद। अनन्ता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित एमबीबीएस विद्यार्थियों के स्वागत के लिए व्हाइट कोट सेरेमनी एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में विद्यार्थियों को पारंपरिक रूप से सफेद कोट पहनाकर चिकित्सा शिक्षा के नए सफर की शुरुआत कराई गई। यह अवसर विद्यार्थियों के लिए उत्साह, गौरव और जिम्मेदारी की भावना से जुड़ा रहा।
संस्थान के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. नितिन शर्मा ने बताया कि समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के मूल सिद्धांतों, चिकित्सकीय पेशे की जिम्मेदारियों तथा मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव से परिचित कराना था।
इस अवसर पर अनन्ता चैरिटेबल एज्युकेशनल सोसायटी के चेयरमैन नारायण सिंह राव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफेद कोट केवल एक परिधान नहीं, बल्कि यह मरीजों के अटूट विश्वास, करुणा, समर्पण और समाज सेवा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का प्रतीक है। इसे धारण करने के साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी के कंधों पर मानव जीवन की रक्षा और मरीजों की सेवा का दायित्व भी आता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से चिकित्सा पेशे की गरिमा और पवित्रता बनाए रखने, मरीजों के साथ संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार करने तथा अपने कार्यों में नैतिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक सफल चिकित्सक बनने के लिए केवल किताबी ज्ञान और तकनीकी दक्षता पर्याप्त नहीं है, बल्कि धैर्य, सहानुभूति, ईमानदारी और निरंतर सीखने की भावना भी उतनी ही आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के प्रत्येक वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए करना चाहिए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय गुप्ता एवं मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अंजलि गुप्ता ने विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में अनुशासन, व्यावसायिक दक्षता, मरीजों के प्रति जवाबदेही और मानवीय मूल्यों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम है, जिसमें प्रत्येक चिकित्सक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
समारोह के दौरान नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को चिकित्सा पेशे के उच्च आदर्शों, नैतिक जिम्मेदारियों और मरीजों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध रहने के उद्देश्य से ‘महर्षि चरक शपथ’ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने चिकित्सा सेवा में ईमानदारी, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं को बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर चीफ फाइनेंस कंट्रोलर नरेश खतुरिया, सीएओ डॉ. एस.के. गौतम, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. दक्ष शर्मा सहित अनन्ता अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक एवं संस्थान के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के साथ हुआ।
