अंतर्मन के अनुनाद भीड़ के शोर में खोता मनुष्य और मौन में सुनाई देती उसकी अपनी आवाज
मनुष्य बाहर की दुनिया को जीतने की आकांक्षा में इतना व्यस्त है कि वह अपने भीतर की दुनिया से दूर होता जा रहा है। उसने आकाश की ऊँचाइयाँ नाप लीं, समुद्र की गहराइया…
“हृदय” के परिणाम
मनुष्य बाहर की दुनिया को जीतने की आकांक्षा में इतना व्यस्त है कि वह अपने भीतर की दुनिया से दूर होता जा रहा है। उसने आकाश की ऊँचाइयाँ नाप लीं, समुद्र की गहराइया…
उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी में विश्व फिजियोथैरेपी दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस बर्ष की थीम ‘हृदय रोग और स्ट्…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में मंगलवार से पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिन सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति में आयोजित भव्य धर्मस…
उदयपुर। देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवसरण में 8 सितम्बर को पर्युषण महापर्व का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्र…
श्रीगंगानगर। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर अग्रवाल सेवा समिति और रोटरी क्लब श्रीगंगानगर डायमंड ने संयुक्त रूप से एक गरिमामय सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्य…
उदयपुर। स्वस्थ जीवनशैली और फिटनेस के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से हिंदुस्तान जिंक द्वारा उदयपुर में आयोजित मैराथन का सफल आयोजन हुआ। इस प्रतिष्ठित …
उदयपुर। व्रत केवल भोजन छोड़ने का नाम नहीं, बल्कि उन विकारों को छोड़ने का संकल्प है, जो मनुष्य को भीतर से कमजोर बनाते हैं। एकादशी आत्मसंयम और आत्मशुद्धि का अवसर…
उदयपुर। श्री जैन श्वेतांबर वासुपूज्य महाराज मंदिर ट्रस्ट एवं श्री चातुर्मास व्यवस्था समिति के संयुक्त तत्वावधान में मेवाड़ मोटर्स लिंक रोड स्थित दादाबाड़ी में रव…
उदयपुर, स्वस्थ जीवनशैली और फिटनेस के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से हिंदुस्तान जिंक द्वारा उदयपुर में आयोजित मैराथन का सफल आयोजन हुआ। इस प्रतिष्ठित …
राजस्थान को आमतौर पर शौर्य, पराक्रम और राजपूताना संस्कृति की धरती के रूप में याद किया जाता है, लेकिन इसकी पहचान का एक अत्यंत समृद्ध पक्ष कृष्ण भक्ति भी है। मरु…
उदयपुर। प्रख्यात आध्यात्मिक मार्गदर्शिका पूजनीया रासेश्वरी देवी श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गुरुवार को उदयपुर पहुंची। उनका सैंकडों भक्तों की ओर से एय…
ऋषि दयानन्द के आगमन से पूर्व विश्व में लोगों को वेदों तथा ईश्वर सहित आत्मा एवं प्रकृति के सत्यस्वरूप का स्पष्ट ज्ञान विदित नहीं था। वेदों, उपनिषद एवं दर्शन आदि…