लाल बहादुर शास्त्री: सादगी में शक्ति, संकल्प में राष्ट्रभक्ति
भारत के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनकी महानता उनके पद, प्रतिष्ठा अथवा सत्ता की ऊँचाई से नहीं, बल्कि उनके विचारों, आचरण और राष्ट्र के प्रति समर्प…
“शब्दों” के परिणाम
भारत के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनकी महानता उनके पद, प्रतिष्ठा अथवा सत्ता की ऊँचाई से नहीं, बल्कि उनके विचारों, आचरण और राष्ट्र के प्रति समर्प…
कोटा । सिरोही के प्रवासी राजस्थानी दिनेश कुमार माली के उपन्यास भारत रत्न के भागीदार: पवित्र मोहन प्रधान एवं उनकी अनूदित कृति भीम भोई की "स्तुति चिंतामणि" का वि…
जयपुर। राजस्थान की कला, संस्कृति, संगीत और साहित्य को अपना जीवन समर्पित करने वाले के.सी. मालू की स्मृति को समर्पित ‘स्वर सरिता भावांजलि विशेषांक’ का लोकार्पण स…
प्रश्न 1: प्राचार्य बनने तक का आपका सफर कैसा रहा?उत्तर: मेरा प्राचार्य बनने तक का सफर निरंतर सीखने, अनुभव प्राप्त करने और जिम्मेदारियां निभाने का सफर रहा है। श…
1. प्राचार्य बनने तक का आपका सफर कैसा रहा?मेरा प्राचार्य बनने तक का सफर निरंतर सीखने, अनुभव प्राप्त करने और जिम्मेदारियाँ निभाने का सफर रहा है। शिक्षक के रूप म…
उदयपुर,श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में धर्मसभा आयोजित हुई। धर्मसभा को संबोधित करते हुए डॉ. सुरेन्…
मनुष्य के जीवन में कुछ पर्व ऐसे होते हैं, जो केवल कैलेंडर की तारीख नहीं होते, बल्कि आत्ममंथन का अवसर बन जाते हैं। क्षमावाणी पर्व ऐसा ही एक पावन अवसर है। यह हमे…
मनुष्य स्वभाव से ही घुमंतू प्राणी है। उसके भीतर अपने आसपास की दुनिया को देखने, जानने और नए अनुभवों से गुजरने की एक सहज ललक होती है। शायद यही कारण है कि घूमने क…
श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत गुरुसर मोडिया राजकीय उच्च मा…
नई दिल्ली । माल लदान के परिवहन को सुगम और तीव्र बनाने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और भारतीय रेलवे ने आपसी समन्वय को बेहतर बनाकर अधिकतम ट्रेनों को नेटवर्क पर…
जैन समाज के लिए अहिंसा केवल धर्मग्रंथों में वर्णित सिद्धांत नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव के प्रति करुणा और संरक्षण का जीवन-संकल्प है। कोल्हापुर के नांदणी स्थित जैन…
भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं होती। वह किसी समाज की स्मृतियों, संस्कारों, संवेदनाओं, विचारों और जीवन-दृष्टि को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे ले जाने वाली जीवंत धारा होती …