मुख्य सामग्री पर जाएँ
बुधवार, 4 नवंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Udaipur News

डूंगरपुर से घायल गधे का एनिमल प्रोटेक्शन सोसाइटी, उदयपुर ने किया रेस्क्यू

समायरा जी की संवेदनशीलता और समय पर मिली सूचना से बच सकी बेजुबान को मदद; संस्था की संस्थापिका डॉ. माला मट्ठा ने पशुपालकों से की भावुक अपील।

WAf𝕏TGin✉🖨
डूंगरपुर से घायल गधे का एनिमल प्रोटेक्शन सोसाइटी, उदयपुर ने किया रेस्क्यू

उदयपुर। इंसानियत केवल इंसानों के प्रति नहीं, बल्कि हर उस बेजुबान जीव के प्रति भी होनी चाहिए जो दर्द और तकलीफ में है और हमारी मदद का इंतजार कर रहा है। ऐसा ही इंसानियत और संवेदनशीलता का उदाहरण डूंगरपुर से सामने आया, जहां एक घायल गधा पैर पर गहरे घाव के कारण गंभीर पीड़ा में था। उसके पैर से लगातार खून बह रहा था।

डूंगरपुर की समायरा जी ने इस घायल बेजुबान की पीड़ा को समझते हुए उसकी मदद के लिए पहल की और एनिमल प्रोटेक्शन सोसाइटी, उदयपुर को इसकी सूचना दी। उनकी संवेदनशीलता और समय पर दी गई सूचना के बाद संस्था की टीम ने तुरंत रेस्क्यू की जिम्मेदारी उठाई।

गधे की गंभीर स्थिति को देखते हुए संस्था की टीम ने पहले डूंगरपुर में ही उसके पैर के गहरे घाव पर प्राथमिक उपचार करवाया। इसके बाद उसे बेहतर उपचार एवं देखभाल के लिए सुरक्षित उदयपुर लाया गया।

इस रेस्क्यू अभियान में संस्था के सदस्य कैलाश भोई एवं राजेंद्र भोई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने घायल गधे को सुरक्षित उदयपुर पहुंचाकर उसके उपचार की व्यवस्था की।

इस अवसर पर संस्था की संस्थापिका डॉ. माला मट्ठा ने समायरा जी के मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही आमजन एवं पशुपालकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि किसी पशु को पालने का अर्थ केवल उससे काम लेना नहीं, बल्कि उसके जीवनभर की जिम्मेदारी उठाना भी है।

उन्होंने कहा कि जब कोई पालतू पशु घायल या बीमार हो जाता है, तब उसे सड़क पर बेसहारा छोड़ देना बेहद अमानवीय है। घायल पशु को इलाज और देखभाल के बजाय लावारिस छोड़ना भी पशु क्रूरता है। पशु अपनी पीड़ा शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते, लेकिन उन्हें भी दर्द होता है और उन्हें भी समय पर उपचार, देखभाल और सुरक्षित जीवन का अधिकार है।

डॉ. माला मट्ठा ने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं को परिवार का हिस्सा समझें और किसी भी परिस्थिति में उन्हें घायल या बीमार अवस्था में सड़क पर बेसहारा न छोड़ें।

एनिमल प्रोटेक्शन सोसाइटी, उदयपुर घायल, बीमार एवं बेसहारा पशुओं के रेस्क्यू और उपचार के लिए निरंतर प्रयासरत है। संस्था ने आमजन से भी अपील की है कि कहीं भी कोई पशु घायल या संकट में दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत संस्था को दें।

समायरा जी जैसे संवेदनशील लोग समाज में इंसानियत की मिसाल पेश करते हैं। कभी-कभी किसी बेजुबान की जिंदगी बचाने के लिए सिर्फ एक फोन और मदद की छोटी-सी पहल ही काफी होती है।