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Shri Ganga NagarNews

7 एसजीएम में नशे के खिलाफ जागरूकता नाटक कार्यक्रम आयोजित

मुख्य बिंदु
  • श्रीगंगानगर, जिला कलक्टर डॉ.
  • मंजू एवं पुलिस अधीक्षक डॉ.
  • अमृता दुहन के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत 7 एसजीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के विरु़़द्ध नाटक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
  • ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सूरतगढ़ द्वारा डिजिटल साक्षरता व साइबर फ्रॉड से कैसे बचे पर सशक्त संदेश के लिए नाटक आयोजन किया गया।
  • नाटक के माध्यम से डिजिटल साक्षरता, साइबर धोखाधड़ी व नशे की भयावह सच्चाई को प्रस्तुत किया।
  • श्री सहीराम, श्री विक्रम ज्याणी ने दिखाया कि किस प्रकार युवा ऑनलाइन गेमिंग के जरिये जीवन खराब कर रहे है और उसके साथ कैसे नशा आज पढ़ाई, परिवार की खुशियाँ और भविष्य तीनों को एक-एक कर निगल जाता है।
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7 एसजीएम में नशे के खिलाफ जागरूकता नाटक कार्यक्रम आयोजित

श्रीगंगानगर, जिला कलक्टर डॉ. मंजू एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत 7 एसजीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के विरु़़द्ध नाटक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सूरतगढ़ द्वारा डिजिटल साक्षरता व साइबर फ्रॉड से कैसे बचे पर सशक्त संदेश के लिए नाटक आयोजन किया गया। नाटक के माध्यम से डिजिटल साक्षरता, साइबर धोखाधड़ी व नशे की भयावह सच्चाई को प्रस्तुत किया।

श्री सहीराम, श्री विक्रम ज्याणी ने दिखाया कि किस प्रकार युवा ऑनलाइन गेमिंग के जरिये जीवन खराब कर रहे है और उसके साथ कैसे नशा आज पढ़ाई, परिवार की खुशियाँ और भविष्य तीनों को एक-एक कर निगल जाता है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का अवसर बनकर सामने आया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रधानाचार्य श्रीमती रेणु ने विद्यार्थियों से कहा कि आज के समय में डिजिटल हमारे लिए सुविधा है, इसकी निरक्षरता अभिशाप बन सकती है और नशा कोई फैशन या पलायन का रास्ता नहीं, बल्कि धीरे-धीरे मौत की ओर ले जाने वाली गहरी खाई है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे गलत संगति से दूर रहें, अपने लक्ष्य तय करें और कठिन समय में माता-पिता व शिक्षकों से खुलकर बात करें। जीवन की सबसे बड़ी जीत खुद पर जीत है।

विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने इस पहल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ जीवन मूल्यों की समझ भी उतनी ही जरूरी है।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने डिजिटल साक्षरता व साइबर सुरक्षा एवं नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी इसके दुष्प्रभावों से बचाने की शपथ ली।