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Shri Ganga NagarNews

श्रीगंगानगर-बठिंडा ट्रेक पर इसी माह इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन पर ट्रेन चलाना प्रस्तावित

मुख्य बिंदु
  • क्षेत्रवासियों के लिए रेलवे से जुड़ी अच्छी खबर सामने आई।
  • जिसमें बठिंडा-श्रीगंगानगर ट्रैक पर चालू माह से इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन वाली रेलगाडिय़ां दौडऩी शुरू हो जाएंगी।
  • जेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य भीम शर्मा के अनुसार लगभग 127 किमी लंबे इस इस रेलमार्ग के बाद हमारा संपूर्ण इलाका इलेक्ट्रिफाई हो जाएगा।
  • श्रीगंगानगर से अन्य दिशाओं में इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें पहले से दौड़ रही है।
  • उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय से फोन पर बात करने के बाद भीम शर्मा ने बताया कि इस सेक्शन पर बल्लूआना में निर्माणाधीन टीएसएस (ट्रैक्शन सब स्टेशन) का कार्य उन्नत चरण में है।
  • बठिंडा-श्रीगंगानगर सेक्शन पर इलैक्ट्रिक लाईनें बिछाने का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और इसका ट्रायल भी पूरी तरह से सफल रहा है, लेकिन अबोहर-श्रीगंगानगर के बीच पॉवर की समस्या को लेकर इस ट्रैक पर बिजली इंजन वाली रेलगाडिय़ां संचालित नहीं हो पा रही थीं।
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श्रीगंगानगर-बठिंडा ट्रेक पर इसी माह इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन पर ट्रेन चलाना प्रस्तावित

श्रीगंगानगर। क्षेत्रवासियों के लिए रेलवे से जुड़ी अच्छी खबर सामने आई। जिसमें बठिंडा-श्रीगंगानगर ट्रैक पर चालू माह से इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन वाली रेलगाडिय़ां दौडऩी शुरू हो जाएंगी। जेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य भीम शर्मा के अनुसार लगभग 127 किमी लंबे इस इस रेलमार्ग के बाद हमारा संपूर्ण इलाका इलेक्ट्रिफाई हो जाएगा। श्रीगंगानगर से अन्य दिशाओं में इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें पहले से दौड़ रही है।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय से फोन पर बात करने के बाद भीम शर्मा ने बताया कि इस सेक्शन पर बल्लूआना में निर्माणाधीन टीएसएस (ट्रैक्शन सब स्टेशन) का कार्य उन्नत चरण में है।

बठिंडा-श्रीगंगानगर सेक्शन पर इलैक्ट्रिक लाईनें बिछाने का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और इसका ट्रायल भी पूरी तरह से सफल रहा है, लेकिन अबोहर-श्रीगंगानगर के बीच पॉवर की समस्या को लेकर इस ट्रैक पर बिजली इंजन वाली रेलगाडिय़ां संचालित नहीं हो पा रही थीं।

उन्होंने बताया कि यह सुविधा शुरू होने से श्रीगंगानगर से अबोहर होते हुए दिल्ली, हरिद्वार की ओर जाने वाली गाडिय़ों का बठिंडा में इंजन बदलने की समस्या समाप्त हो जाएगी।

वहीं भविष्य में बठिंडा-श्रीगंगानगर के बीच ईएमयू पैसेजर गाडिय़ां चलने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। ईएमयू ट्रेनों से लोको रिवर्सल की बड़ी समस्या से रेलवे को छुटकारा मिल जाएगा।