मुख्य सामग्री पर जाएँ
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Shri Ganga NagarNews

अंबेडकर जयंती पर वामपंथी संगठनों द्वारा सेमिनार का आयोजन, अवसरवादी ताकतों के विरोध पर दिया जोर

मुख्य बिंदु
  • भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय ग्रामीण एवं खेत मजदूर यूनियन, जनवादी महिला समिति और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के संयुक्त तत्वावधान में आज पंचायती धर्मशाला में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया।
  • सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो.
  • चंद्रभानु त्यागी ने विशेष रूप से संबोधित किया।
  • कार्यक्रम की अध्यक्षता जनवादी महिला समिति की जिला सचिव कविता निहालिया ने की।
  • सेमिनार को संबोधित करते हुए खेत मजदूर यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा स्वामी, कॉमरेड वकीलसिंह, नरेश शर्मा, गणपत, राम बाबू और रिछपाल ने भी अपने विचार रखे।
  • अंबेडकर के बचपन से लेकर महापरिनिर्वाण तक उनके जीवन और संघर्ष की विस्तृत चर्चा की।
WAf𝕏TGin🖨
अंबेडकर जयंती पर वामपंथी संगठनों द्वारा सेमिनार का आयोजन, अवसरवादी ताकतों के विरोध पर दिया जोर

श्रीगंगानगर। डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय ग्रामीण एवं खेत मजदूर यूनियन, जनवादी महिला समिति और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के संयुक्त तत्वावधान में आज पंचायती धर्मशाला में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया।सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. चंद्रभानु त्यागी ने विशेष रूप से संबोधित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जनवादी महिला समिति की जिला सचिव कविता निहालिया ने की।सेमिनार को संबोधित करते हुए खेत मजदूर यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा स्वामी, कॉमरेड वकीलसिंह, नरेश शर्मा, गणपत, राम बाबू और रिछपाल ने भी अपने विचार रखे।

वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के बचपन से लेकर महापरिनिर्वाण तक उनके जीवन और संघर्ष की विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अंबेडकर के सामाजिक न्याय, समानता, दलित उत्थान, महिलाओं के अधिकार और संविधान निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में डॉ. अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।

विशेष रूप से वर्तमान में संविधान पर बढ़ते हमलों, फासीवादी ताकतों द्वारा जातिवाद और संप्रदायवाद को बढ़ावा देने, दलितों पर हो रहे अत्याचारों एवं आक्रमणों तथा महिलाओं पर थोपे जा रहे मनुवादी विचारधारा की कड़ी निंदा की गई। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि ऐसी विभाजनकारी और दमनकारी ताकतों के खिलाफ सभी प्रगतिशील, लोकतांत्रिक और वामपंथी संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए।

सेमिनार के दौरान सभी वक्ताओं ने देश को तोड़ने वाली अवसरवादी और फासीवादी ताकतों से मुकाबला करने के लिए मजदूर, किसान, दलित, महिला और सभी शोषित वर्गों के संगठनों को एकजुट होने का आह्वान किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग उपस्थित रहे।