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Shri Ganga NagarNews

टांटिया यूनिवर्सिटी के दंत चिकित्सा विभाग में नशा मुक्ति कार्यशाला का आयोजन

मुख्य बिंदु
  • मंजू एवं जिला पुलिस अधीक्षक डॉ.
  • अमृता दुहन के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत टांटिया यूनिवर्सिटी के दंत चिकित्सा विभाग में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
  • कार्यक्रम में युवाओं और भविष्य के डॉक्टरों को नशे के खिलाफ समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि आप सभी डॉक्टर बनने जा रहे हैं और यह सिर्फ एक पेशा नहीं बल्कि किसी परिवार का सपना होता है।
  • एक डॉक्टर सिर्फ बीमारी का इलाज नहीं करता, बल्कि समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने की जिम्मेदारी भी निभाता है।
  • उन्होंने कहा कि नशे की ओर बढ़ने वाला पहला कदम ही सबसे खतरनाक होता है और अगर वही कदम समय रहते रोक दिया जाए तो जिंदगी को बर्बादी से बचाया जा सकता है।
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टांटिया यूनिवर्सिटी के दंत चिकित्सा विभाग में नशा मुक्ति कार्यशाला का आयोजन

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. मंजू एवं जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत टांटिया यूनिवर्सिटी के दंत चिकित्सा विभाग में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं और भविष्य के डॉक्टरों को नशे के खिलाफ समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि आप सभी डॉक्टर बनने जा रहे हैं और यह सिर्फ एक पेशा नहीं बल्कि किसी परिवार का सपना होता है। एक डॉक्टर सिर्फ बीमारी का इलाज नहीं करता, बल्कि समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने की जिम्मेदारी भी निभाता है। उन्होंने कहा कि नशे की ओर बढ़ने वाला पहला कदम ही सबसे खतरनाक होता है और अगर वही कदम समय रहते रोक दिया जाए तो जिंदगी को बर्बादी से बचाया जा सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि अगर आप जागरूक हैं तो आप अपने साथ-साथ कई जिंदगियों को भी इस दलदल में गिरने से बचा सकते हैं। श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि जागरूकता वह पहला कदम है, जो बदलाव की ओर ले जाता हैए और आप सभी उस बदलाव के वाहक बन सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान प्रिंसिपल डॉ. राहुल, वाइस प्रिंसिपल डॉ. नवनीत कथूरिया, डॉ. गगन, डॉ. नवरीत, डाॅ. इंदु मौजूद रहे। विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

साथ ही यह भी बताया गया कि किस प्रकार नशा धीरे-धीरे व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य को कमजोर कर देता है। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे अपने आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। वर्कशॉप के अंत में विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और समाज में नशा मुक्ति के संदेश को आगे बढ़ाएंगे।