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फूसेवाला में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मुख्य बिंदु
  • मंजू एवं पुलिस अधीक्षक डॉ.
  • अमृता दुहन के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फूसेवाला में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
  • साइबर साक्षर भारत और नशा मुक्त युवा के संकल्प के साथ आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी, श्री सहीराम व लक्ष्या ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के मन को झकझोर दिया।
  • नाटक में साइबर अपराध और ऑनलाइन दुनिया के खतरों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
  • एक छात्र का फर्जी कॉल और ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसकर मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने की गलती, इन सब दृश्यों ने बच्चों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि डिजिटल दुनिया में एक क्लिक भी कितनी बड़ी भूल बन सकता।
  • उन्होंने कहा कि नशा और साइबर जाल दोनों ही ऐसे अदृश्य दुश्मन हैं, जो धीरे-धीरे भविष्य को निगल लेते हैं।
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फूसेवाला में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. मंजू एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फूसेवाला में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

साइबर साक्षर भारत और नशा मुक्त युवा के संकल्प के साथ आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी, श्री सहीराम व लक्ष्या ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के मन को झकझोर दिया।

नाटक में साइबर अपराध और ऑनलाइन दुनिया के खतरों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।

एक छात्र का फर्जी कॉल और ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसकर मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने की गलती, इन सब दृश्यों ने बच्चों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि डिजिटल दुनिया में एक क्लिक भी कितनी बड़ी भूल बन सकता।

उन्होंने कहा कि नशा और साइबर जाल दोनों ही ऐसे अदृश्य दुश्मन हैं, जो धीरे-धीरे भविष्य को निगल लेते हैं। यदि युवा जागरूक हो जाए, तो बुराईयों की आधी लड़ाई वहीं जीत ली जाती है।

अंत में उपस्थितजनों ने साइबर साक्षर बनने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ लेते हुए कहा कि हम नशा नहीं करेंगे, न किसी को करने देंगे। विद्यालय प्रशासन ने संदेश दिया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। सच्ची शिक्षा वही है जो जीवन को सुरक्षित, सार्थक और मूल्यवान बनाए।