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Shri Ganga NagarNews

राजकीय क्षार सूत्र शिविर में सर्जन्स कर रहे जटिल रोगों का निःशुल्क उपचार

मुख्य बिंदु
  • आमजन को बवासीर, फिशर और भगंदर जैसे कष्टकारी रोगों से स्थाई मुक्ति दिलाने हेतु एल ब्लॉक स्थित हनुमान मंदिर परिसर में ‘राजकीय 10 दिवसीय अर्श-भगंदर क्षार सूत्र शिविर‘ का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा रहा है।
  • शिविर 6 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मरीजों को परामर्श एवं चिकित्सा सेवाएं दी जा रही हैं।
  • शिविर में विख्यात आयुर्वेद शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ.
  • हरवीर सिंह सांगवा की टीम अपनी सेवाएं दे रही है।
  • इन विशेषज्ञ सर्जन्स द्वारा आयुर्वेद की विश्व-प्रसिद्ध ‘क्षार सूत्र‘ तकनीक के माध्यम से जटिल रोगों का ऑपरेशन किया जा रहा है।
  • विशेषज्ञों ने बताया कि यह विधि न केवल सुरक्षित है, बल्कि आधुनिक सर्जरी के मुकाबले इसमें बीमारी के दोबारा होने का खतरा न्यूनतम रहता है।
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राजकीय क्षार सूत्र शिविर में सर्जन्स कर रहे जटिल रोगों का निःशुल्क उपचार

श्रीगंगानगर। आमजन को बवासीर, फिशर और भगंदर जैसे कष्टकारी रोगों से स्थाई मुक्ति दिलाने हेतु एल ब्लॉक स्थित हनुमान मंदिर परिसर में ‘राजकीय 10 दिवसीय अर्श-भगंदर क्षार सूत्र शिविर‘ का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा रहा है। शिविर 6 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मरीजों को परामर्श एवं चिकित्सा सेवाएं दी जा रही हैं।

शिविर में विख्यात आयुर्वेद शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. पंकज पोटलिया एवं डॉ. हरवीर सिंह सांगवा की टीम अपनी सेवाएं दे रही है। इन विशेषज्ञ सर्जन्स द्वारा आयुर्वेद की विश्व-प्रसिद्ध ‘क्षार सूत्र‘ तकनीक के माध्यम से जटिल रोगों का ऑपरेशन किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने बताया कि यह विधि न केवल सुरक्षित है, बल्कि आधुनिक सर्जरी के मुकाबले इसमें बीमारी के दोबारा होने का खतरा न्यूनतम रहता है।

डॉ. पंकज पोटलिया और डॉ. हरवीर सिंह सांगवा ने बताया कि ‘बवासीर, फिशर और विशेषकर भगंदर के इलाज में ‘क्षार सूत्र‘ औषधि युक्त एक विशेष धागा होता है जो धीरे-धीरे रोगग्रस्त ऊतकों को काटकर बाहर निकालता है और घाव को जड़ से भरता है। इसमें बड़े टांके लगाने की जरूरत नहीं होती और मरीज की नियंत्रण शक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है।

डॉक्टरों की टीम ने मरीजों से विशेष आग्रह किया है कि वे सफल रिकवरी के लिए ऑपरेशन के बाद घर जाने की जल्दबाजी न करें। इसी को ध्यान में रखते हुए शिविर में निम्नलिखित सुविधाएं पूर्णतः निःशुल्क हैं। ऑपरेशन के बाद मरीजों को विशेषज्ञों की 24 घंटे निगरानी में भर्ती रखा जा रहा है।

भर्ती मरीजों के लिए रहने की उत्तम व्यवस्था और उनके स्वास्थ्य के अनुकूल सात्विक भोजन व नाश्ता सरकार द्वारा पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है। शिविर में जांच, ऑपरेशन और बाद की सभी औषधियां सरकारी स्तर पर मुफ्त उपलब्ध हैं।

डॉ. पोटलिया और डॉ. सांगवा ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे 6 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। मलाशय से संबंधित किसी भी समस्या (जैसे जलन, दर्द, खून आना या मवाद निकलना) को शर्म या झिझक के कारण न छुपाएं, बल्कि सुबह 10 से शाम 5 बजे के बीच शिविर स्थल पर आकर विशेषज्ञ परामर्श लें।