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Shri Ganga NagarNews

जिले में रबी फसल गिरदावरी शुरू, किसान स्वयं कर सकते है ऑनलाइन गिरदावरी

मुख्य बिंदु
  • जिले में फसल रबी संवत 2082 की गिरदावरी प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 से शुरू हो गई है, जो 5 मार्च 2026 तक पूर्ण की जाएगी।
  • इस वर्ष गिरदावरी पूरी तरह डिजिटल क्रॉप सर्वे मानकों के अनुरूप करवाई जा रही है, जिसके तहत राजस्व कार्मिक मौके पर पहुंचकर गिरदावरी ऐप से खेत की फोटो अपलोड करेंगे।
  • इस संबंध में राजस्व मंडल ने गिरदावरी कार्य में तेजी लाने के लिए स्थानीय युवाओं को सर्वेयर के रूप में नियुक्त करने की अनुमति दी है।
  • ये सर्वेयरों को प्रति खसरा 10 रुपए मानदेय मिलेगा।
  • पिछले वर्ष रबी 2081 में कार्य कर चुके सर्वेयरों का भुगतान किया जा चुका है।
  • वहीं खरीफ 2082 के सर्वेयर भुगतान की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।
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श्रीगंगानगर। जिले में फसल रबी संवत 2082 की गिरदावरी प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 से शुरू हो गई है, जो 5 मार्च 2026 तक पूर्ण की जाएगी। इस वर्ष गिरदावरी पूरी तरह डिजिटल क्रॉप सर्वे मानकों के अनुरूप करवाई जा रही है, जिसके तहत राजस्व कार्मिक मौके पर पहुंचकर गिरदावरी ऐप से खेत की फोटो अपलोड करेंगे।

इस संबंध में राजस्व मंडल ने गिरदावरी कार्य में तेजी लाने के लिए स्थानीय युवाओं को सर्वेयर के रूप में नियुक्त करने की अनुमति दी है। ये सर्वेयरों को प्रति खसरा 10 रुपए मानदेय मिलेगा।

पिछले वर्ष रबी 2081 में कार्य कर चुके सर्वेयरों का भुगतान किया जा चुका है। वहीं खरीफ 2082 के सर्वेयर भुगतान की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। सर्वेयर बनने के इच्छुक युवा संबंधित पटवारी या तहसील कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

किसान स्वयं भी कर सकेंगे गिरदावरी प्रभारी अधिकारी (भू-अभिलेख) श्रीमती रीना ने समस्त तहसीलदारों को निर्देश दिए कि किसानों को अधिक से अधिक स्वयं गिरदावरी करने के लिए प्रेरित किया जाए।

राज किसान गिरदावरी ऐप के माध्यम से किसान अपने खेत की ऑनलाइन गिरदावरी खुद कर सकते हैं। इससे किसानों की पटवारी पर निर्भरता कम होगी और गिरदावरी तेजी से पूरी होगी।

किसानों की जागरूकता के लिए राजस्व मंडल अजमेर ने डिजिटल क्रॉप सर्वे राजस्थान नामक यूट्यूब चैनल भी बनाया है, जहाँ पूरी प्रक्रिया के वीडियो उपलब्ध हैं।

एमएसपी पर फसल बेचने में मिलेगी सुविधा ई-हस्ताक्षरित गिरदावरी का उपयोग किसान एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर फसल विक्रय हेतु पंजीकरण में भी कर सकेंगे, जिससे उन्हें सरकारी खरीद प्रक्रिया में आसानी होगी। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने संबंधित पटवारी से संपर्क कर सकते हैं।