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Shri Ganga NagarNews

कृषकों का एक दल जैविक खेती प्रशिक्षण के लिए पंतनगर रवाना

मुख्य बिंदु
  • श्रीगंगानगर, मुख्यमंत्री की बजट घोषणा वर्ष 2025-26 संख्या 115 के अनुसार किसानों की क्षमता वृद्धि कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से Knowledge Enhancement Programme के अन्तर्गत एक प्रशिक्षण दल (40 कृषक) को 13 से 19 जनवरी 2026 तक (सात दिवस यात्रा अवधि सहित) कृषक प्रशिक्षण हेतु गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रोद्यौगिक विश्वविद्यालय, पन्तनगर-263145, उद्यमसिंह नगर (उत्तराखण्ड) के प्रशिक्षण हेतु कार्यालय उप निदेशक कृृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा), श्रीगंगानगर से मंगलवार को प्रस्थान किया।
  • उक्त कृषक प्रशिक्षण दल को उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ.
  • विनोद सिंह गौतम, सहायक निदेशक उद्यान श्री प्रदीप शर्मा, उप परियोजना निदेशक आत्मा श्री सुदेश कुमार, कृषि अधिकारी उद्यान श्री अभिमन्यु गोदारा ने हरी झण्डी दिखाकर बस को रवाना किया।
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श्रीगंगानगर, मुख्यमंत्री की बजट घोषणा वर्ष 2025-26 संख्या 115 के अनुसार किसानों की क्षमता वृद्धि कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से Knowledge Enhancement Programme के अन्तर्गत एक प्रशिक्षण दल (40 कृषक) को 13 से 19 जनवरी 2026 तक (सात दिवस यात्रा अवधि सहित) कृषक प्रशिक्षण हेतु गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रोद्यौगिक विश्वविद्यालय, पन्तनगर-263145, उद्यमसिंह नगर (उत्तराखण्ड) के प्रशिक्षण हेतु कार्यालय उप निदेशक कृृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा), श्रीगंगानगर से मंगलवार को प्रस्थान किया।

उक्त कृषक प्रशिक्षण दल को उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. विनोद सिंह गौतम, सहायक निदेशक उद्यान श्री प्रदीप शर्मा, उप परियोजना निदेशक आत्मा श्री सुदेश कुमार, कृषि अधिकारी उद्यान श्री अभिमन्यु गोदारा ने हरी झण्डी दिखाकर बस को रवाना किया।

समस्त किसान गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रोद्यौगिक विश्वविद्यालय, पन्तनगर-263145, उद्यमसिंह नगर (उत्तराखण्ड) में विविधिकृत कृषि विषय पर आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त करेगा साथ ही कृषि कॉलेज तथा प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के खेतों का भी भ्रमण करेंगे तथा विविधिकृत कृषि का मतलब है एक ही खेत में कई तरह की फसले उगाना, बागवानी करना, पशुपालन या अन्य कृषि संबंधी कार्य करना।

डॉ. विनोद सिंह गौतम ने बताया कि किसान सिर्फ एक ही फसल पर निर्भर न रहकर आय के कई स्त्रोत बना सके, जिससे जोखिम कम व मुनाफा बढ़े एवं प्राकृतिक खेती व जैविक खेती में जीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी, नीमास्त्र का महत्व के बारे में सम्पूर्ण जानकारी लेंगे।

इस कृषक प्रशिक्षण दल के प्रभारी श्री सुदेश कुमार उप परियोजना निदेशक आत्मा एवं सहप्रभारी श्री छोटूराम सहायक कृषि अधिकारी साथ रहेंगे। कृषकों को विविधिकृत कृषि की सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करवाया जायेगा।