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रजिस्ट्रीकरण और विनियमन अधिनियम के तहत रजिस्ट्रेशन करवाएं चिकित्सक

मुख्य बिंदु
  • मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.
  • अजय सिंगला ने आदेश जारी कर जिले के सभी निजी (क्लीनिक, चिकित्सालय एवं लैब) का नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम 2010 के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने के लिये कहा है।
  • सिंगला ने बताया कि नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम 2010 के तहत सभी निजी (क्लीनिक, चिकित्सालय एवं लैब) का रजिस्ट्रेशन करवाया जाना अनिवार्य है।
  • अतः जिले के जिन निजी (क्लीनिक, चिकित्सालय एवं लैब) द्वारा एक वर्ष अवधि के पश्चात नवीनीकरण नहीं करवाया गया है, वे अपना नवीनीकरण नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम 2010 के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना सुनिश्चित करें।
  • इसके साथ ही जिन निजी (क्लीनिक, चिकित्सालय एवं लैब) का नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम 2010 के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, वे भी नियमानुसार इस आदेश जारी होने के पश्चात तीन दिवस में रजिस्ट्रेशन करवाना सुनिश्चित करें।
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श्रीगंगानगर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय सिंगला ने आदेश जारी कर जिले के सभी निजी (क्लीनिक, चिकित्सालय एवं लैब) का नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम 2010 के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने के लिये कहा है।

डॉ. सिंगला ने बताया कि नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम 2010 के तहत सभी निजी (क्लीनिक, चिकित्सालय एवं लैब) का रजिस्ट्रेशन करवाया जाना अनिवार्य है। अतः जिले के जिन निजी (क्लीनिक, चिकित्सालय एवं लैब) द्वारा एक वर्ष अवधि के पश्चात नवीनीकरण नहीं करवाया गया है, वे अपना नवीनीकरण नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम 2010 के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना सुनिश्चित करें।

इसके साथ ही जिन निजी (क्लीनिक, चिकित्सालय एवं लैब) का नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम 2010 के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, वे भी नियमानुसार इस आदेश जारी होने के पश्चात तीन दिवस में रजिस्ट्रेशन करवाना सुनिश्चित करें।

डॉ. सिंगला ने बताया कि इस संदर्भ में किसी भी प्रकार की देरी/नवीनीकरण नहीं करवाने की स्थिति में संबंधित निजी (क्लीनिक, चिकित्सालय एवं लैब) के विरूद्ध नैदानिक स्थापन ( रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम 2010 के तहत विभागीय एवं कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जायेगी।