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Jaislmer news

एनआई-एमएसएमई हैदराबाद के सहयोग से ग्राम पंचायत छत्रैल में आरएएमपी योजना के तहत हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट वर्कर्स क्षमता वर्धन तीन दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

मुख्य बिंदु
  • जिले के राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संस्थान (एनआई-एमएसएमई) हैदराबाद के सहयोग से ग्राम पंचायत छत्रैल में विश्व बैंक पोषित आरएएमपी योजना के तहत तीन दिवसीय हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट वर्कर्स क्षमता वर्धन कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ।
  • कार्यशाला में एमएसएमई स्वयं सहायता समूहों एवं युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
  • कार्यशाला के प्रमुख बिंदु कार्यशाला में 30 प्रतिभागियों को एमएसएमई के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं।
  • परंपरागत उद्योगों को पुनर्स्थापित करने, रोजगार सृजन बढ़ाने तथा आरएएमपी योजना से एमएसएमई को मजबूत बनाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।
  • राजस्थान एमएसएमई नीति 2024 के प्रावधानों, मुद्रा लोन, पीएमईजीपी जैसी योजनाओं पर प्रकाश डाला गया, ताकि हस्तकला से जुड़े वर्कर्स आत्मनिर्भर बन सकें और दूसरों को रोजगार प्रदान कर सकें।
  • कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों के उद्यम आधार बनाए गए।
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एनआई-एमएसएमई हैदराबाद के सहयोग से ग्राम पंचायत छत्रैल में आरएएमपी योजना के तहत हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट वर्कर्स क्षमता वर्धन तीन दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

जैसलमेर। जिले के राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संस्थान (एनआई-एमएसएमई) हैदराबाद के सहयोग से ग्राम पंचायत छत्रैल में विश्व बैंक पोषित आरएएमपी योजना के तहत तीन दिवसीय हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट वर्कर्स क्षमता वर्धन कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ। कार्यशाला में एमएसएमई स्वयं सहायता समूहों एवं युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

कार्यशाला के प्रमुख बिंदु कार्यशाला में 30 प्रतिभागियों को एमएसएमई के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं।

परंपरागत उद्योगों को पुनर्स्थापित करने, रोजगार सृजन बढ़ाने तथा आरएएमपी योजना से एमएसएमई को मजबूत बनाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।

राजस्थान एमएसएमई नीति 2024 के प्रावधानों, मुद्रा लोन, पीएमईजीपी जैसी योजनाओं पर प्रकाश डाला गया, ताकि हस्तकला से जुड़े वर्कर्स आत्मनिर्भर बन सकें और दूसरों को रोजगार प्रदान कर सकें।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों के उद्यम आधार बनाए गए। विभिन्न क्षेत्रों से आए संदर्भ व्यक्तियों ने उत्पादन, एमएसएमई बैंक लिंकेज, मार्केट स्पर्धा आदि पर अपना उद्बोधन दिया।

यह कार्यशाला ग्रामीण राजस्थान में उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण एवं आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगी।