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Kota News

राज्य स्तरीय सेमीनार में देश के प्रतिष्ठित लाईब्रेरी प्रोफेशनल्स ने की सहभागिता

51 नॉलेज वर्कर्स का सम्मान • राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ • अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहभागिता • पुस्तकालयों में AI एवं डिजिटल नवाचार पर मंथन

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राज्य स्तरीय सेमीनार में देश के प्रतिष्ठित लाईब्रेरी प्रोफेशनल्स ने की सहभागिता

कोटा : राष्ट्रीय पुस्तकालय अध्यक्ष दिवस एवं भारतीय पुस्तकालय विज्ञान के जनक पदम् श्री डॉ एस आर रंगानाथन जी की 134 वी जयन्ती के उपलक्ष्य में भाषा एवं पुस्तकालय विभाग जयपुर द्वारा आयोजित एवं राजा राममोहन रॉय पुस्तकालय प्रतिष्ठान कोलकता के द्वारा प्रायोजित “सार्वजनिक पुस्तकालय एवं पुस्तकालयाध्यक्ष : समाज में सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास के बदलाव में इनकी भूमिका” विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के साथ राज्य स्तरीय सेमीनार का आयोजन डॉ एस आर रंगानाथन कन्वेंशनल हाल राजकीय सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय कोटा में सम्पन हुआ |

कार्यक्रम का शुभारम्भ श्रीमान संदीप शर्मा माननीय विधायक कोटा दक्षिण कोटा , मुख्यअतिथि प्रो. (डॉ) निमित रंजन चोधरी माननीय कुलुगुरु राजस्थान तकनीकी विश्वविधालय कोटा , अध्यक्षता ममता कुमारी तिवारी अतिरिक्त संभागीय आयुक्त  कोटा , विशिष्ठ अतिथि प्रो ( डॉ) सोनल सिंह सम्राट विक्रमादित्य विश्वविधालय उज्जैन. गेस्ट ऑफ़ ऑनर एवं सेमीनार निदेशक डॉ. मृदुला चतुर्वेदी विशेषाधिकारी भाषा एवं पुस्तकालय विभाग जयपुर रही |

सेमीनार का प्रारम्भ में ऑनलाइन ओपनिंग रिमार्क के साथ प्रारम्भ हुआ जिसमे सेमीनार की सहभागी विश्व के सबसे बड़े पुस्तकालय संगठन इफला के गवर्मेंट लाइब्रेरीज सेक्शन की चेयर संजय के बिहानी , मरियम अबाचा अमेरीकन यूनिवर्सिटी ऑफ़ माइजीरीया के प्रेसीडेंट प्रो. (डॉ) मोहम्मद इसरार एवं भाषा एवं पुस्तकालय विभाग के निदेशक एवं पदेन उप शासन सचिव डॉ . राकेश  कुमार शर्मा के लिखित सन्देश के पठन के साथ प्रारम्भ हुआ | इस अवसर पर डॉ .के.पी.सिंह , डॉ अनिल झारोटिया, डॉ सीमा शर्मा, डॉ कुवर अब्बास, डॉ सोनल सिंह ,डॉ आबिद हुसैन , डॉ भरत माली , डॉ अन्ना कौशिक, डॉ पायल जोशी , डॉ रोहित नंदवाना, डॉ प्रीति शर्मा, डॉ प्रशांत भारद्वाज , डॉ प्रीतिमा व्यास , डॉ मनीषा मुदगल , डॉ मधुसुधन चौधरी, डॉ सुजाता पारीक, अक्षय कुमार इत्यादि मौजूद रहे | 

इसके बाद माननीय विधायक श्रीमान संदीप शर्मा का उदबोधन हुआ, उन्होंने कहा कि हमें गर्व हें कि कोटा का पुस्तकालय राज्य का श्रेष्ठतम पुस्तकालय हे अन्य भी इस पुस्तकालय से प्रेरणा लेंगे | इस अवसर पर सभी माननीय अतिथियों ने अपना उदबोधन दिया | इस अवसर पर पब्लिक लाइब्रेरीज़ एंड लाइब्रेरियन्स: मेकिंग अ डिफरेंस टू सोसाइटी इन सोशल एंड कल्चरल डेवलपमेंट पुस्तक के आवरण पृष्ठ का विमोचन हुआ साथ ही एक पुस्तक एवं जर्नल का विमोचन भी हुआ |

इस सेमीनार में कुल दस सत्र विभिन्न  विषयों पर सत्र आयोजित हुए जिसमे पुस्तकालयों के लिए वित्तीय प्रावधान,सूचना का अधिकार, दृष्टिबाधितो के लिए पुस्तकालय सेवा, घुमंतू के लिए पुस्तकालय सेवा, आधुनिकीकरण, असिस्टिव टेक्नोलॉजी, ई-ग्रंथालय,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल लाइब्रेरी सेवाओं,आर.एफ.आई.डी., एन.एफ.सी.,  शोध एवं नवाचार तथा सार्वजनिक पुस्तकालयों की बदलती भूमिका पर विशेषज्ञों द्वारा मंथन किया गया | सेमीनार संयोजक डॉ दीपक कुमार श्रीवास्तव संभागीय पुस्तकालय अध्यक्ष ने बताया कि इस अवसर पर पब्लिक लाइब्रेरी के बेस्ट रीडर्स के अनुभवों को साझा करते हुए 6 वरिष्ठ पाठको को “बेस्ट रीडर्स ऑफ़ इयर-2026” से सम्मानित किया गया |

समापन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) विमला डूंकवाल माननीय कुलगुरु, राजस्थान कृषि विश्वविधालय कोटा, अध्यक्षता धर्मराज मीणा अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कोटा , विशिष्ठ अतिथि डॉ सुरेश पाण्डेय वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ , गेस्ट ऑफ़ ऑनर शिवांगी सिंह सिकरवार प्रदेश प्रवक्ता भाजपा ने विभिन्न श्रेणियों में देश के 51 लाइब्रेरी प्रोफेशनल्स एवं नॉलेज वर्कर्स को सम्मानित किया | डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि यह सम्मान उन कर्मयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रयास है, जो पुस्तकालयों और ज्ञान संसाधनों के माध्यम से समाज में शिक्षा, सूचना एवं जागरूकता का विस्तार कर रहे हैं। कोटा संभाग के सभी जिला एवं पंचायत समिति पुस्तकालयों के पुस्ताकलय अध्यक्ष समेत  कुल 135 लोगो ने कार्यक्रम में सहभागिता की | 40 आमत्रित वार्ताकार , सत्राध्यक्ष , सह सत्राध्यक्ष एवं रिपोर्टयर ने सहभागिता की | कुल प्राप्त सभी शोध पत्रों में से 9 चयनित पत्रों को पेपर प्रजेंटेशन किया गया |   समापन समारोह की अध्यक्षता कर रहे धर्मराज मीणा अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ने डॉ एस आर रंगनाथन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनकी प्रसिद्ध पुस्तक द फाइव लॉस ऑफ़ लाइब्रेरी साइंस के सिद्धांतों और कॉलिंग क्लासिफिकेशन के योगदान को रेखांकित करते हुए भारतीय पुस्तकालय जगत को वैश्विक पहचान दिलाने में डॉक्टर एस आर रंगनाथन की भूमिका का उल्लेख किया, डा.रंगनाथन द्वारा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय में पुस्तकालय विज्ञान विभाग में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी रेखांकित किया.