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पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एमबीबीएस के नए सत्र का आगाज व्हाइट कोट सेरेमनी के साथ विद्यार्थीयों ने ली चरक शपथ

उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एमबीबीएस के नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ गरिमामय और उत्साहपूर्ण व्हाइट कोट सेरेमनी के साथ किया गया।

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पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एमबीबीएस के नए सत्र का आगाज व्हाइट कोट सेरेमनी के साथ विद्यार्थीयों ने ली चरक शपथ

उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एमबीबीएस के नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ गरिमामय और उत्साहपूर्ण व्हाइट कोट सेरेमनी के साथ किया गया।

यह समारोह चिकित्सा जगत में कदम रखने वाले भावी डॉक्टरों के जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण होता है, जहाँ वे पहली बार डॉक्टर का प्रतीक माने जाने वाले सफेद कोट को धारण करते हैं।कार्यक्रम की शुरूआत में पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के चेयरमेन राहुल अग्रवाल,एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमन अग्रवाल,सीईओ शरद कोठारी,पीएमयू के प्रेसिडेन्ट डॉ.एम.एम.मंगल,पीएमसीएच के प्रिसिपल डॉ.यू.एस.परिहार,चिकित्सा अद्यीक्षक डॉ.जयेश त्रिवेदी,वाइस प्रिंसिपल एवं यू.जी.कार्डिनेटर डॉ.मोनाली सोनावणे एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने मॉ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन करके किया।कार्यक्रम के इस अवसर पर चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने उदयपुर की खूबसूरत वादियों और पीएमसीएच परिवार में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि देश के लगभग 20 अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी 250 मेधावी छात्र अब इस मिनी इंडिया रूपी कैंपस का हिस्सा हैं।

आज आपके माता-पिता आपको हमारे भरोसे छोड़कर जा रहे हैं, इसलिए आज से हम ही आपके अभिभावक हैं और आपका पूरा ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी है।अग्रवाल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि याद रखिएगा, यह सफलता आपकी और आपके माता-पिता के त्याग व पसीने की कमाई है।

आने वाले समय में आप देश के बेहतरीन डॉक्टर बनकर मानवता की सेवा करें, यही हमारी हार्दिक शुभकामनाएँ हैं।कार्यक्रम के इस मौके पर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमन अग्रवाल ने कहा कि मेडिकल शिक्षा एक लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा है, जिसमें निरंतर अध्ययन, अनुशासन और मेहनत की आवश्यकता होती है।

विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक जीवन के शुरुआती दिनों से ही सीखने की जिज्ञासा बनाए रखनी चाहिए तथा आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ मानवीय मूल्यों को भी अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।इस दौरान पीएमयू के प्रेसिडेंट डॉ. एम.एम. मंगल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल कुशल चिकित्सक तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार डॉक्टर तैयार करना है, जो समाज के प्रत्येक वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हों।

उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुसंधान और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही।पीएमसीएच प्रिंसिपल डॉ. यू.एस. परिहार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश उनके जीवन की एक नई शुरुआत है।

आने वाले वर्षों में उन्हें सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ अस्पताल में मरीजों के बीच रहकर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना होगा।

उन्होंने कहा कि एक अच्छे डॉक्टर की पहचान केवल उसकी चिकित्सा विशेषज्ञता से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, संवेदनशीलता और मरीजों के प्रति समर्पण से भी होती है।सफेद कोट पहनते ही विद्यार्थियों के चेहरों पर गर्व और एक नई जिम्मेदारी का अहसास साफ झलक रहा था।

इसके पश्चात, सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को चरक शपथ दिलाई गई।

इस शपथ के माध्यम से छात्रों ने मरीजों की निस्वार्थ सेवा, चिकित्सा पेशे की मर्यादा, उच्च नैतिकता और पूर्ण समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का दृढ़ संकल्प लिया।समारोह के दौरान विद्यार्थियों के माता-पिता और अभिभावक भी मौजूद रहे, जो अपने बच्चों को चिकित्सा के इस नोबल प्रोफेशन में प्रवेश करते देख भावविभोर हो गए।