राजसमंद। कैंसर मरीजों के उपचार में चिकित्सकीय सेवाओं के साथ-साथ प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अनन्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के लिए ‘ऑन्कोलॉजी सीएनई’ (एक्सीलेंस इन कैंसर नर्सिंग केयर) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंगकर्मियों को कैंसर मरीजों की देखभाल से जुड़ी नवीनतम जानकारियों, तकनीकों और व्यावहारिक कौशल से अवगत कराना था।
संस्थान के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. नितिन शर्मा ने बताया कि ‘शिक्षित करें–सशक्त बनाएं–कैंसर देखभाल को बेहतर करें’ थीम पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नर्सिंग स्टाफ को कैंसर उपचार के दौरान मरीजों की आवश्यकताओं और उनकी सुरक्षित देखभाल के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि कैंसर का उपचार एक जटिल एवं संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसमें नर्सिंग स्टाफ की जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से नर्सिंगकर्मियों के ज्ञान और कार्यकुशलता में वृद्धि होती है। इससे उपचार के दौरान होने वाली जटिलताओं को बेहतर ढंग से समझने, मरीजों की आवश्यकताओं पर समय रहते ध्यान देने तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
प्रशिक्षण के दौरान नर्सिंग स्टाफ को कैंसर केयर, कीमोथेरेपी के सुरक्षित प्रबंधन, उपचार के दौरान होने वाले संभावित दुष्प्रभावों की पहचान एवं प्रबंधन तथा मरीजों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान, केस डिस्कशन और व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में मरीजों की देखभाल से जुड़ी चुनौतियों को समझने का अवसर मिला।
इस अवसर पर मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. जतिन चौधरी एवं इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. नवजीत कौर ने कैंसर मरीजों के उपचार में पैलिएटिव थेरेपी की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पैलिएटिव केयर का उद्देश्य मरीजों को बीमारी और उपचार से जुड़ी तकलीफों से राहत प्रदान करना, उनकी जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाना तथा उपचार के विभिन्न चरणों में उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. भ्रातृ भूषण यादव एवं नर्सिंग अधीक्षक महिपाल सिंह सहित संस्थान के चिकित्सक और नर्सिंगकर्मी उपस्थित रहे।
