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जैसलमेर नगर परिषद एवं पोकरण नगर पालिका में लागू हुई आदर्श आचार संहिता

दो चरणों में होगा सदस्य पदों के लिए मतदान, 9 एवं 11 सितंबर को मतदान एवं 14 सितंबर को मतगणना

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जैसलमेर नगर परिषद एवं पोकरण नगर पालिका में लागू हुई आदर्श आचार संहिता

                जैसलमेर । प्रदेश में नगरीय निकायों के आम चुनाव-2026 का कार्यक्रम 19 अगस्त 2026 को घोषित कर दिया गया है। इसके साथ जैसलमेर नगर परिषद एवं पोकरण नगर पालिका क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई हैं।

                 जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जैसलमेर जिले में पारदर्शी, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से नगरीय निकाय चुनाव संपन्न कराने के लिए समस्त आवश्यक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।

आदर्श आचार संहिता लागू

               चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। आचार संहिता लागू होने से पहले जिन विकास कार्यों के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं अथवा जो विकास कार्य पहले से चल रहे हैं,वे आचार संहिता से प्रभावित नहीं होंगे। नई योजनाएं,नए विकास कार्य एवं नए कार्यादेश आचार संहिता के दौरान प्रतिबंधित रहेंगे। चुनाव के लिए बड़ी संख्या में कार्मिकों की आवश्यकता को देखते हुए संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्र से होने वाले स्थानांतरण तथा संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्र में किए जाने वाले पदस्थापन से संबंधित स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 के अंतर्गत नगरपालिका के निर्वाचन के संचालन का दायित्व राज्य निर्वाचन आयोग में निहित है। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम,2009 की धारा 26 के अनुसार चुनाव कार्य में नियोजित समस्त कर्मचारी एवं अधिकारी निर्वाचन के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्त समझे जाएंगे। यदि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की ओर से निर्वाचन से संबंधित निर्धारित दायित्वों का निर्वहन नहीं किया जाता है तो उसके विरुद्ध आयोग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों, मतदाताओं एवं मीडिया से अपील की है कि शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने में आयोग को अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। आयोग ने मतदाताओं से भी अपील की है कि वे निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

              आम चुनाव कार्यक्रम- सदस्य पदों के लिए लोक सूचना 27 अगस्त गुरुवार को जारी की जाएगी। नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31अगस्त सोमवार को निर्धारित की गई है। नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 1 सितंबर 2026 मंगलवार को होगी स अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 3 सितंबर 2026  गुरुवार को निर्धारित है एवं इस दिन अपराह्न 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ली जा सकेगी। चुनाव चिन्हों का आवंटन 4 सितंबर 2026 शुक्रवार को किया जाएगा।

              सदस्य पदों के लिए मतदान दो चरणों में होगा। प्रथम चरण का मतदान 9 सितंबर 2026 बुधवार एवं द्वितीय चरण का मतदान 11 सितंबर 2026 शुक्रवार को होगा। मतदान का समय प्रातः 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। दोनों चरणों में हुए मतदान की मतगणना 14 सितंबर 2026 सोमवार को की जाएगी।

            इसी तरह अध्यक्षीय पदों के लिए लोक सूचना 15 सितंबर मंगलवार को जारी की जाएगी। नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर बुधवार होगी एवं नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 17 सितंबर गुरुवार को की जाएगी। अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 18 सितंबर शुक्रवार है और इस दिन अपराह्न 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ली जा सकेगी। चुनाव चिन्हों का आवंटन 18 सितंबर शुक्रवार को अभ्यर्थिता वापसी का समय समाप्त होने के तुरंत पश्चात किया जाएगा। अध्यक्षीय पदों के लिए मतदान 21 सितंबर सोमवार को होगा। मतदान का समय प्रातः 10 बजे से अपराह्न 2 बजे तक रहेगा। मतदान समाप्ति के तुरंत बाद 21 सितंबर को ही मतगणना की जाएगी। उपाध्यक्षीय पदों के लिए निर्वाचन 22 सितंबर मंगलवार को होगा। निर्वाचन प्रक्रिया के लिए बैठक प्रातः 10 बजे प्रारंभ होगी। नामांकन पत्र प्रातः 11 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे एवं नामांकन पत्रों की संवीक्षा प्रातः11.30 बजे से होगी। अभ्यर्थिता वापस लेने का समय अपराह्न 2 बजे तक रहेगा। यदि मतदान आवश्यक हुआ तो अपराह्न 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा एवं मतदान समाप्ति के तुरंत बाद मतगणना की जाएगी।

          ईवीएम से होगा मतदान- नगरीय निकाय चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के माध्यम से कराए जाएंगे। अलवर, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर एवं कोटा जिलों में भारत निर्वाचन आयोग के स्वामित्व वाली एम-3 मॉडल की ईवीएम का उपयोग किया जाएगा। शेष 36 जिलों में राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान एवं राज्य निर्वाचन आयोग, मध्यप्रदेश के स्वामित्व वाली मल्टी पोस्ट सिंगल वोट,मल्टी पोस्ट मल्टी वोट मॉडल की मशीनों का उपयोग किया जाएगा। एक नगरपालिका में एक ही मॉडल की मशीनों का उपयोग किया जाएगा। आयोग की ओर से सभी जिलों को आवश्यक संख्या में ईवीएम का आवंटन किया जा चुका है। ईवीएम की आवाजाही की ऑनलाइन निगरानी के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को ईवीएम ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया है। इसी सॉफ्टवेयर के माध्यम से मतदान के लिए ईवीएम के आवंटन तथा मतदान एवं मतगणना दलों के गठन के लिए रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया भी की जाएगी।

     मतदान के लिए पहचान दस्तावेज- इन वैकल्पिक दस्तावेजों में आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, बैंक अथवा डाकघर की ओर से जारी फोटोयुक्त पासबुक, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड,आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केन्द्र एवं राज्य सरकार, लोक उपक्रम अथवा पब्लिक लिमिटेड कंपनियों की ओर से जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसद एवं विधानसभा सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र तथा यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन वैकल्पिक फोटो दस्तावेजों में केवल वही दस्तावेज मान्य होंगे जो नगरपालिका निर्वाचन की घोषणा से पूर्व जारी किए गए हों। आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि मतदान के समय इनमें से कोई एक वैध पहचान दस्तावेज अपने साथ अवश्य लेकर आएं।

मतदाता सहायता केन्द्र- मतदान दिवस पर मतदान भवन के समीप मतदाताओं की सहायता के लिए मतदाता सहायता केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इन केन्द्रों पर बूथ लेवल अधिकारी स्तर के कार्मिक नियुक्त किए जाएंगे। नए परिसीमन के कारण वार्डों की सीमाओं एवं मतदान केन्द्रों में परिवर्तन संभव है। मतदाता सहायता केन्द्र पर मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना क्रमांक तथा संबंधित बूथ की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

24Û7 चुनाव नियंत्रण कक्ष- आयोग मुख्यालय एवं जिला स्तर पर चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे, सातों दिन कार्य करेंगे। इनके माध्यम से चुनाव संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा तथा आमजन की ओर से चुनाव संबंधी गतिविधियों के बारे में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

अभ्यर्थियों के लिए चुनाव खर्च सीमा- चुनाव के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से वाहनों एवं लाउड स्पीकरों के उपयोग तथा कट आउट, होर्डिंग, पोस्टर एवं बैनर आदि के प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए आयोग की ओर से आवश्यक प्रतिबंध लगाए गए हैं। लाउड स्पीकर के उपयोग के लिए जिला मजिस्ट्रेट, उपखण्ड मजिस्ट्रेट अथवा अन्य सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। लाउडस्पीकर का उपयोग रात 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। चुनाव प्रचार के लिए वाहनों की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की गई है तथा संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से वाहन के संपूर्ण विवरण के साथ लिखित अनुमति लेना आवश्यक होगा। आयोग की ओर से निर्धारित अधिकतम चुनाव खर्च सीमा के अनुसार नगर निगम पार्षद के लिए 3,50,000 रुपए, नगर परिषद पार्षद के लिए 2,50,000 रुपए तथा नगरपालिका सदस्य के लिए 1,50,000 रुपए की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। चुनाव खर्च का पूरा विवरण परिणामों की घोषणा के 15 दिवस के भीतर निर्धारित प्रारूप में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा उनकी ओर से अधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।

संतान संबंधी प्रावधान हटाए गए- राजस्थान राजपत्र अधिसूचना 25 मार्च 2026 के जरिए राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की संबंधित धाराओं में संशोधन कर नगरीय निकायों के निर्वाचन के लिए संतान संबंधी प्रावधान हटा दिए गए हैं। इस संबंध में आयोग की ओर से सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा- आयोग की ओर से दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्रों पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत दिव्यांग मतदाताओं की मैपिंग, प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी की नियुक्ति तथा आवश्यकता के अनुसार दिव्यांग मतदाताओं को मतदान बूथ तक लाने एवं मतदान के बाद वापस छोड़ने सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।