उदयपुर। ऑस्ट्रेलिया के सनशाइन कोस्ट में संपन्न हुई एशिया पेसिफिक ओलंपिक क्वालीफायर लैक्रोज प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर लौटे उदयपुर के जनजाति क्षेत्र के खिलाड़ियों का शहरवासियों एवं खेल प्रेमियों ने भव्य स्वागत-अभिनंदन किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में अपने खेल कौशल और प्रतिभा का प्रदर्शन कर लौटे खिलाड़ियों का फूलमालाएं पहनाकर एवं उपरने ओढ़ाकर स्वागत किया गया।भारतीय टीम में स्थानीय जनजाति क्षेत्र से प्रशिक्षक नीरज बत्रा के साथ महिला वर्ग में भारतीय टीम की कप्तान रोशनी बोस, सुनीता मीणा, जुला कुमारी गुर्जर, डाली गमेती, यशिष्ठा बत्रा, मीरा कुमारी दौजा, जानवी राठौड़ एवं यशोदा गमेती शामिल थीं।
वहीं पुरुष वर्ग में मोहनलाल गमेती, निशांत नागदा, खुमाराम गमेती एवं निशांत नागदा के साथ नारायण लाल गमेती ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया।
इन खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सहभागिता से उदयपुर एवं राजस्थान के जनजाति क्षेत्र का गौरव बढ़ा है।राजस्थान के इन खिलाड़ियों की प्रतियोगिता में सहभागिता के लिए राजस्थान माइन्स एंड मिनिरल्स लिमिटेड द्वारा वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया।
खिलाड़ियों की इस उपलब्धि को उनके कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और खेल संगठनों के सहयोग का परिणाम बताया गया।स्वागत एवं अभिनंदन कार्यक्रम में अनिल शर्मा, लक्षिता त्रिपाठी, विनोद मीणा, केसर मीणा, शांतिलाल गमेती, राकेश पालीवाल, भरत मेघवाल, सत्यनारायण प्रजापत, मांगीलाल भोई, नरपतसिंह कुमावत, गोविंद सिंह, आनंदी राठौड़, मुकेश नागदा, शारदा शर्मा, यशवर्धन शर्मा, वर्षा शर्मा, रंजन बोस, अमृता अधिकारी, चमन लाल गमेती, चतरा राम गमेती, भावना बत्रा, यश सांखला, विशाखा मेघवाल, प्रीता राठौड़, प्रणय त्रिपाठी, सक्षम शर्मा, नीरज मीणा, प्रियांशु औदिच्य, वैदिक शर्मा एवं जयवीर सिंह राठौड़ सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, खिलाड़ी एवं शहरवासी उपस्थित रहे।
सभी ने खिलाड़ियों का स्वागत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर खिलाड़ियों के अभिभावकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय जनजाति क्षेत्र के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर उपलब्ध कराने के लिए लैक्रोज एसोसिएशन ऑफ इंडिया, वित्तीय सहयोग प्रदान करने वाली राजस्थान माइन्स एंड मिनिरल्स लिमिटेड, लैक्रोज प्रवर्तक एवं आयुक्त, क्षेत्रीय जनजाति विकास विभाग प्रज्ञा केवलरमानी, उदयपुर प्रशासन तथा राजस्थान लैक्रोज संघ के प्रति आभार व्यक्त किया।
