श्रीगंगानगर। श्री रामलीला सेवा समिति के तत्वावधान में रिद्धि सिद्धि कॉलोनी प्रथम के प्लेटिनम पार्क में आयोजित हाईटेक रामलीला का सातवां दिन शनिवार दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक और भावनात्मक रहा।
इस दिन रावण द्वारा सीता का हरण करने तथा सीता की तलाश में हनुमान के लंका प्रवेश के प्रसंगों ने पूरे मंच को जीवंत कर दिया। शुरुआत रावण और बूढा मारीच के संवाद से हुई।
मुख्य अतिथि डा.मोहित टांटिया,डा.प्रेम मित्तल,बाबा भूषण गोयल, स्वर्णकार सभा अध्यक्ष सुभाष तोसावड,जीएसटी सहायक आयुक्त हिमांशु पारीक,मनोज गुप्ता,दीपक मिड्डा,सीताराम शेरेवाला,रमेश बंसल और प्रिंस गर्ग रहे।
बूढा मारीच ने बार-बार समझाने की कोशिश की, लेकिन रावण नहीं माना। अंततः मजबूर होकर मारीच स्वर्ण मृग का रूप धारण कर लेता है।
इसके बाद रावण साधु के वेश में आकर सीता का हरण कर लेता है। हरण के दौरान मार्ग में जटायु ने रावण को रोकने का प्रयास किया।
दोनों के बीच भीषण युद्ध हुआ, जिसमें जटायु वीरगति को प्राप्त हो गए। सीता के हरण की खबर मिलते ही राम और लक्ष्मण अत्यंत दुखी हो गए।
राम के विलाप का दृश्य दिनेश शर्मा और सुभेष देहडान ने बड़ी संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया। मारीच की भूमिका में सुधीर गोयल का अभिनय दर्शकों की तारीफों का केंद्र रहा।
सीता की भूमिका में हरप्रीत शकौर अपने अभिनय कौशल से हर दिन की तरह दर्शकों को प्रभावित करती रहीं।
सीता की खोज के क्रम में राम-लक्ष्मण की मुलाकात शबरी से हुई। इस प्रसंग में शबरी के रोल में आंचल धींगडा ने कमाल का अभिनय किया।
साधु के रूप में मंथन, राजेश सारस्वत तथा लक्ष्य के सहयोग ने दृश्य को और प्रभावी बनाया। इसके बाद राम और लक्ष्मण सुग्रीव के दरबार पहुंचे, जहां हनुमान से उनकी मित्रता का प्रसंग मंच पर बड़ी जीवंतता के साथ पेश किया गया।
हनुमान की भूमिका में रवि सोनी एक बार फिर छा गए। इस प्रसंग में अरुण स्वामी, रामसिंह भव्य, निखिल,रूद्र, मुकुल तनु सहित अन्य कलाकारों ने भी सराहनीय अभिनय किया।
तनु नल और रुद्र नील की भूमिकाओं में मंच पर आए।
अगले प्रसंगों में बाली दरबार तथा बाली-सुग्रीव युद्ध दिखाए गए।
सुग्रीव के दरबार में राम को माला पहनकर भेजा जाना, बाली वध, सुग्रीव का राज्याभिषेक, राम द्वारा लक्ष्मण को सुग्रीव को बुलाने के लिए भेजना, सुग्रीव का रामा दल में सम्मिलित होना, हनुमान को बाल रूप की शक्तियां याद दिलाना और अंततः हनुमान का लंका में प्रवेश होना-ये सभी दृश्य बड़े प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए गए।
इन प्रसंगों में अर्श गोयल ने विभीषण और गौरव सोनी ने बाली का अभिनय कर गहरी छाप छोड़ी।
श्री रामलीला सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही यह हाईटेक रामलीला हर दिन भव्यता और कलात्मकता के नए आयाम स्थापित कर रही है। सातवें दिन के प्रसंगों ने दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखा और कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की खूब सराहना हुई।
