श्रीगंगानगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) द्वारा बुधवार को महर्षि दयानंद बीएड कॉलेज, श्रीगंगानगर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
एडीजे श्री सुथार ने शिविर में उपस्थित छात्र-छात्राओं को बिजली, पानी, परिवहन, स्वच्छता तथा स्थाई लोक अदालत से संबंधित विभिन्न जनोपयोगी सेवाओं आदि की जानकारी दी इसके साथ ही एडीजे सुथार ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है।
दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराईयों के उन्मुलन के लिए कानून के साथ-साथ समाज की सामुहिक जागरूकता भी आवश्यक है।इस दौरान एडीजे ने दहेज उत्पीड़न एवं क्रूरता की रोकथाम के प्रति जागरूकता और उपलब्ध कानूनों के तहत महिलाओं के लिए उपलब्ध कानूनी उपाय, दहेज उत्पीड़न और क्रूरता का सामना करने वाली महिलाओं के लिए एक एकीकृत कानूनी सहायता, भरण-पोषण और मुआवजे के संबंध में गोपनीय परामर्श प्रदान करना आदि से सम्बंधित कार्य विधि से अवगत करवाया गया।
इसी क्रम में उपस्थितजन को पीड़ित प्रतिकर स्कीम, आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत एवं स्थाई लोक अदालत की कार्य प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीगंगानगर के डिफेंस काउंसिल श्री अमनदीप चलाना द्वारा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की कार्यप्रणाली से अवगत करवाते हुए नालसा हेल्पलाईन नं. 15100 के बारे में जानकारी दी गई।
इस दौरान कॉलेज से प्रिसींपल डॉ विनोद गिरधर, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ योगराज गोस्वामी व अन्य महाविद्यालय स्टॉफ उपस्थित रहे।
