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बाल विवाह और महिला अधिकारों पर जागरूकता शिविर का आयोजन

श्रीगंगानगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीगंगानगर द्वारा सोमवार को राजस्थान

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बाल विवाह और महिला अधिकारों पर जागरूकता शिविर का आयोजन

श्रीगंगानगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीगंगानगर द्वारा सोमवार को राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाईड, श्रीगंगानगर में बाल विवाह और महिला अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर के दौरान एडीजे श्री सुथार ने उपस्थित विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है।

दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराईयों के उन्मुलन के लिए कानून के साथ-साथ समाज की सामुहिक जागरूकता भी आवश्यक है। एडीजे ने बताया कि आज के आधुनिक युग में भी ’दहेज प्रथा’ हमारे समाज के लिए एक गंभीर सामाजिक कलंक और अभिशाप बनी हुई है।

दहेज की मांग के कारण न केवल बेटियों के परिवारों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ पड़ता है, बल्कि कई बार बेटियों को मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और यहाँ तक कि ’दहेज हत्या’ जैसी अमानवीय घटनाओं का शिकार होना पड़ता है।उन्होंने बताया कि दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के तहत दहेज लेना, देना या इसके लेनदेन में सहयोग करना एक गैर-कानूनी अपराध है।

इसी क्रम में एडीजे ने बाल विवाह के बारे में बताया कि यह भारत में एक व्यापक सामाजिक चुनौती बना हुआ है। युवा लड़कियों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों, खासकर कम उम्र में गर्भधारण व घरेलू हिंसा के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाता है।

बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत विवाह के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष से एवं लड़के की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।

बाल विवाह विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में गरीबी, लैंगिक असमानता और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को बढ़ावा देता है।इस दौरान उपस्थितजन को पालना गृह के बारे में भी बताया कि यदि किसी को कभी सड़क या झाड़ियों में कोई नवजात शिशु मिले तो उसे तुरन्त राजकीय चिकित्सालय श्रीगंगानगर या राजकीय सम्पे्रक्षण गृह में संचालित पालना गृृह पहुंचाने का प्रयास करें ताकि किसी नवजात की जिंदगी बचाई जा सके।

इसी क्रम में चीफ श्री रोहताश यादव लीगल डिफेंस कांउसिल द्वारा उपस्थितजन को पीड़ित प्रतिकर स्कीम, राष्ट्रीय लोक अदालत एवं स्थाई लोक अदालत की कार्य प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

मंच का संचालन श्री अमन चलाना द्वारा किया जाकर निःशुल्क विधिक सहायता व नालसा हेल्पलाईन नं. 15100 के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर श्री इन्द्राज सुथार, सीओ स्काउट तथा मोनिका यादव सीओ स्काउट व समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।