उदयपुर। उदयपुर लोकसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मन्नालाल रावत तेलंगाना के तूफानी दौरे पर है।
हैदराबाद में डॉ रावत का भव्य स्वागत किया गया। तेलंगाना के कड़ताल में डॉ रावत के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ मार्च भी निकाला गया जिसमें बडी संख्या में एसटी मोर्चा के सदस्य व पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
इसी क्रम में डॉ रावत दो नवम्बर को ओडिशा के दौरे पर रहेंगे जहां भुवनेश्वर में एसटी मॉर्चा की बैठक लेंगे।भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मन्नालाल रावत इन दिनों विभिन्न राज्यों का दौरा कर एसटी मोर्चा के कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे हैं।
पहली बार तेलंगाना दौरे पर गए डॉ रावत का राजधानी हैदराबाद में भव्य स्वागत किया गया। कई किलो वजनी पुष्पहार उनको जेसीबी की सहायता से पहनाया गया।
तेलंगाना के कडताल में भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा की ओर से लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ मार्च भी निकाला गया। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मन्नालाल रावत के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
रावत ने तेलंगाना प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भी सहभागिता की। इस दौरान रावत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति का सिद्धांत अराजकता फैलाना है।
उन्होंने बिहार, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक के एमएलसी चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस को इन चुनावों में बड़ा शून्य मिला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शून्य वालें कभी हीरो नहीं बन सकते।
देश में हीरो तो एक ही है और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है। रावत ने कहा कि भाजपा का अभियान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और राजनीतिक अराजकता के खिलाफ जनजागरण का हिस्सा है।
कांग्रेस की नकारात्मकता मानसिकता और संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप के विनाशक एजेंडे के विरोध में भाजपा एसटी मोर्चा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ रैली में मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष रवि नायक एवं संगठन निष्ठ कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।सांसद डॉ रावत ने हैदराबाद स्थित भाजपा कार्यालय में अनुसूचित जनजाति के कार्यक्रम के साथ संगठनात्मक बैठक भी ली व राज्य में अनुसूचित जनजाति के विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा की।
साथ ही देश भर में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में 11 नवंबर से 18 नवंबर तक जनजाति गौरव सप्ताह मनाए जाने पर भी चर्चा की गई।
