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गुरुनानक गर्ल्स कॉलेज में नशा मुक्ति जागरूकता नाटक आयोजित

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ.

मुख्य बिंदु
  • अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत गुरुनानक गर्ल्स कॉलेज, श्रीगंगानगर में नशा मुक्ति जागरूकता नाटक का मंचन किया गया।
  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी, सहीराम और 12 वर्षीय बाल कलाकार लक्ष्या ज्याणी ने छात्राओं को नशे के भयावह परिणामों से रूबरू करवाया और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता, संवेदनशीलता तथा सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
  • उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का उद्देश्य केवल लोगों को नशे के नुकसान बताना नहीं, बल्कि उन्हें उस दर्द का एहसास करवाना है, जो नशा किसी परिवार को देता है।
  • उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे नशे को कभी सामान्य आदत या व्यक्तिगत पसंद समझकर नजरअंदाज न करें।
  • जब किसी अपने को नशे की ओर बढ़ते देखें, तो चुप रहने के बजाय उसे समझाने, सही सहायता तक पहुंचाने और उसको जागरूक करने का प्रयास करें।
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गुरुनानक गर्ल्स कॉलेज में नशा मुक्ति जागरूकता नाटक आयोजित

श्रीगंगानगर । जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत गुरुनानक गर्ल्स कॉलेज, श्रीगंगानगर में नशा मुक्ति जागरूकता नाटक का मंचन किया गया।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी, सहीराम और 12 वर्षीय बाल कलाकार लक्ष्या ज्याणी ने छात्राओं को नशे के भयावह परिणामों से रूबरू करवाया और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता, संवेदनशीलता तथा सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का उद्देश्य केवल लोगों को नशे के नुकसान बताना नहीं, बल्कि उन्हें उस दर्द का एहसास करवाना है, जो नशा किसी परिवार को देता है।उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे नशे को कभी सामान्य आदत या व्यक्तिगत पसंद समझकर नजरअंदाज न करें।

जब किसी अपने को नशे की ओर बढ़ते देखें, तो चुप रहने के बजाय उसे समझाने, सही सहायता तक पहुंचाने और उसको जागरूक करने का प्रयास करें।

समय रहते उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है और परिवार को बिखरने से रोक सकता है।कार्यक्रम में महिलाओं और छात्राओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए श्री ज्याणी ने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने की लड़ाई में नारी शक्ति निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

एक बेटी अपने भाई को, एक बहन अपने परिवार को, एक बेटी अपने पिता को और भविष्य में एक जीवनसाथी अपने साथी को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार, प्रशासन, पुलिस या किसी एक सामाजिक संगठन की जिम्मेदारी नहीं है।

यह हर परिवार, हर शिक्षण संस्थान और समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।कार्यक्रम के अंत में सभी को हाथ उठाकर नशा मुक्ति संकल्प दिलाया गया।

नशे से संबंधित मानसिक अथवा व्यवहारिक समस्याओं के लिए टेली मानस हेल्पलाइन 1800-89-14416 एवं 14416 पर निःशुल्क परामर्श उपलब्ध है। नशामुक्ति हैल्पलाइन 14446 का भी उपयोग किया जा सकता है।