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Jaislmer news

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित पात्र परिवारों को जोड़ा गया- जैसलमेर जिले में 1,06,861 नए लाभार्थी शामिल

जैसलमेर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्र एवं वंचित परिवारों को योजना से जोड़ने के लिए निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

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               जैसलमेर । राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्र एवं वंचित परिवारों को योजना से जोड़ने के लिए निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। राज्य में बड़ी संख्या में पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने के साथ-साथ जैसलमेर जिले में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

            वर्तमान में प्रदेश में 1,02,55,503 वंचित एवं पात्र व्यक्तियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है। यह संख्या राज्य की कुल खाद्य सुरक्षा से जुड़े लाभार्थियों का लगभग 23 प्रतिशत है।

             जिला रसद अधिकारी जैसलमेर देवराज रवि ने बताया कि जैसलमेर जिले में खाद्य सुरक्षा से वंचित पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुनः प्रारंभ किए जाने के पश्चात जैसलमेर जिले में कुल 1,06,861 वंचित पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है। जिसमें जैसलमेर विधानसभा क्षेत्र में 54,922 और पोकरण विधान सभा में 51939 लोगों के खाद्य सुरक्षा में नाम जोड़े गये।

    खाद्य सुरक्षा के साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ

           उन्होनें बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़ने के बाद पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है। इनमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से निःशुल्क खाद्यान्न, मुख्यमंत्री गैस सिलेंडर योजना के अंतर्गत 450 में गैस सिलेंडर, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत परिवार को 10 लाख तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत 25 लाख तक के निःशुल्क उपचार जैसी योजनाएं शामिल हैं।

             इन योजनाओं से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। मानसून के दौरान पात्र लाभार्थियों को तीन माह का निःशुल्क राशन एक साथ उपलब्ध कराया जा रहा है।

    ‘गिव अप’ अभियान से पात्र परिवारों के लिए अवसर

             नवंबर 2024 में प्रारंभ किए गए ‘गिव अप अभियान’ के अंतर्गत लगभग 67 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ा, जबकि लगभग 27 लाख लोगों के ई-केवाईसी नहीं कराने के कारण उनके नाम सूची से हटाए गए।

            इससे रिक्त हुए स्थानों पर पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने का अवसर मिला है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ वास्तविक रूप से पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे तथा कोई भी पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा के लाभ से वंचित न रहे।