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Udaipur News

राइजिंग राजस्थान के निवेश प्रस्तावों को मिलेगी रफ्तार

जिला कलक्टर ने की लंबित एमओयु की विस्तृत समीक्षा अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

मुख्य बिंदु
  • राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत उदयपुर जिले में हुए निवेश प्रस्तावों को शीघ्र धरातल पर उतारने के उद्देश्य से जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट मिनी सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
  • बैठक में विभागवार एमओयू की प्रगति का विस्तृत आंकलन करते हुए लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और निवेश परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
  • प्रारंभ में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक एवं नोडल अधिकारी हितेष जोशी ने अगवत कराया कि राइजिंग राजस्थान समिट के दौरान उदयपुर जिले के लिए 1035 एमओयू हुए थे, जिनके माध्यम से 3 लाख 25 हजार 513 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ।
  • इनमें से अब तक 65 हजार 208 करोड़ रुपये के 212 एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है, जो जिले में निवेश को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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राइजिंग राजस्थान के निवेश प्रस्तावों को मिलेगी रफ्तार

उदयपुर। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत उदयपुर जिले में हुए निवेश प्रस्तावों को शीघ्र धरातल पर उतारने के उद्देश्य से जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट मिनी सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागवार एमओयू की प्रगति का विस्तृत आंकलन करते हुए लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और निवेश परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से शुरू कराने के निर्देश दिए गए।

प्रारंभ में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक एवं नोडल अधिकारी हितेष जोशी ने अगवत कराया कि राइजिंग राजस्थान समिट के दौरान उदयपुर जिले के लिए 1035 एमओयू हुए थे, जिनके माध्यम से 3 लाख 25 हजार 513 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ। इनमें से अब तक 65 हजार 208 करोड़ रुपये के 212 एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है, जो जिले में निवेश को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

जिला कलक्टर श्री अग्रवाल ने विभागवार लंबित निवेश प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन एमओयू से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं, उनके प्रस्तावकों से व्यक्तिगत स्तर पर संवाद स्थापित कर परियोजनाओं को शीघ्र शुरू कराया जाए।

उन्होंने एनओसी एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण लंबित मामलों के लिए स्पष्ट टाइमफ्रेम निर्धारित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

साथ ही उन्होंने कहा कि जिन एमओयू में निवेशकों की रुचि समाप्त हो चुकी है अथवा किसी भी कारण से उनकी क्रियान्विति संभव नहीं है, ऐसे प्रस्तावों को नियमानुसार निरस्त करने की प्रक्रिया भी समय पर पूरी की जाए, ताकि वास्तविक एवं व्यवहारिक निवेश प्रस्तावों पर प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सके।

बैठक में उपनिदेशक स्वायत्त शासन विनोद कुमार, उपनिदेशक पर्यटन शिखा सक्सेना, जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।