उदयपुर। भारत सरकार ने श्रमिकों एवं कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के व्यापक दायरे में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अंतर्गत अनिवार्य कवरेज हेतु वैधानिक वेतन सीमा को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है।
यह निर्णय 17 सितम्बर 2026 से प्रभावी किया गया है।क्षेत्रीय आयुक्त- II रोनक जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की अनुशंसा के आधार पर लिया गया यह निर्णय देश में सामाजिक सुरक्षा के कवरेज को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
इससे अनुमानतः 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं/कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) एवं कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना (ईडीएलआई) के दायरे में आ सकेंगे।उन्होंने बताया कि वेतन सीमा में इस वृद्धि से ऐसे अनेक कर्मचारी, जो वर्तमान में निर्धारित 15,000/- की सीमा से अधिक वेतन होने के कारण ईपीएफओ के अनिवार्य कवरेज से बाहर थे, नई निर्धारित सीमा के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकेंगे।
इससे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के लिए बचत, पेंशन सुरक्षा तथा बीमा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त होने का अवसर मिलेगा।नियोक्ताओं से पात्र कर्मचारियों का कवरेज सुनिश्चित करने की अपीलक्षेत्रीय कार्यालय द्वारा उदयपुर संभाग एवं संबंधित क्षेत्रों के सभी नियोक्ताओं, औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की गई है कि वे नई वेतन सीमा के अनुरूप अपने प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों की पात्रता की समीक्षा करें तथा ईपीएफओ के अंतर्गत आवश्यक पंजीकरण एवं वैधानिक अनुपालन समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करें।
नई व्यवस्था के संबंध में नियोक्ताओं को कवरेज, अंशदान एवं अन्य संबंधित वैधानिक दायित्वों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए ईपीएफओ द्वारा जागरूकता कार्यक्रम, बैठकें, वेबिनार एवं सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएगा ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी अधिक से अधिक नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय समाचार-पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं अन्य प्रचार माध्यमों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त एम्प्लोयी एसोसिएशन, चैम्बर ऑफ कॉमर्स, ट्रैड यूनियन एवं एम्लोई एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित कर नई वेतन सीमा एवं इसके प्रभावों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने में किसी प्रकार की कमी न रहे।क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रशान्त कुमार सिन्हा ने सभी नियोक्ताओं एवं हितधारकों से अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय सहयोग प्रदान करें और पात्र कर्मचारियों को ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।